नाराज मुहल्लेवासियाें ने शराब को किया आग के हवाले
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बलिया शहर के अधिवक्ता नगर स्थिति एक कबाड़ी की दूकान पर रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब कबाड़ी की दूकान पर शराब के दूकान का बोर्ड मुहल्लेवासियों ने देखा। इसके बाद मुहल्लेवासियों ने जमकर हंगामा किया और कबाड़ी की दूकान को खाली कराकर शराब को भी आग के हवाले कर दिया।
घटना की जानकारी होते ही सीओ सिटी केसी सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मुहल्लेवासियों को समझा-बुझाकर कबाड़ी की दूकान में खुली शराब की दूकान को बंद कराया। मुहल्लेवासियों का कहना था कि इस मुहल्ले में किसी भी सूरत में शराब की दूकान नहीं खोलने दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल और स्टेट हाइवे पर स्थित शराब की दूकान को कहीं और स्थापित करने के जुगत में दूकानदार लगे हुए हैं। नगर के अधिवक्ता नगर में स्थित कबाड़ी की दूकान थी। जिसे खाली कराकर रविवार की सुबह शराब की दूकान का बोर्ड लगाकर शराब की पेटियां रखी गई थी।
रविवार की सुबह जैसे ही दूकान खोला गया वैसे ही मुहल्लेवासियों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। वहां पर मौजूद लोगों ने दूकान को बंद कराने का दबाव बनाने लगे। नाराज मुहल्लेवासियों ने रखे शराब को आगे के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मुहल्लेवासियों को समझा-बुझाकर शांत करवाया।
मुहल्लेवासियों को कहना है कि किसी भी हालत में यहां शराब की दूकान नहीं खोलने देंगे। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन संजय उपाध्याय ने कहा कि अधिवक्ता नगर में शराब की दूकान खोलना अनुचित है।
वहीं अधिवक्ता कौस्तुभ रमण पांडेय ने कहा कि बस्ती में डाक्टर, अधिवक्ता तथा बुद्धिजीवी पारिवार के लोग निवास करते हैं।
ऐसे में यहां शराब की दूकान खोलना कहीं से भी उचित नहीं है। हालांकि प्रशासन इस बात को लेकर काफी मंथन में जुटी हुई है कि विस्थापित शराब की दूकान को कहां ले जाकर खोला जाय।