फॉरेंसिक विशेषज्ञ तैयार होंगे
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को फॉरेंसिक विज्ञान की अत्याधुनिक शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां से तैयार होने वाले विशेषज्ञ अपराध की वैज्ञानिक जांच, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के विश्लेषण और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। स्थायी परिसर बनने के बाद प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण सुविधाओं और पाठ्यक्रमों का विस्तार भी प्रस्तावित है।
स्थानीय मामलों की जांच में मिलेगी मदद
फॉरेंसिक विश्वविद्यालय के कैंपस से काशी और पूर्वांचल में अपराध की वैज्ञानिक जांच को गति मिलने की उम्मीद है। अभी कई मामलों में फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने और साक्ष्य दूसरे स्थानों पर भेजने पड़ते हैं। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से जांच की प्रक्रिया तेज होगी। इससे मामलों के वैज्ञानिक विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर जांच को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय मामलों को स्थानीय स्तर पर ही सुलझाने में मदद मिलेगी।