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अमेठी पुलिस का हैरतअंगेज कारनामा, सजायाफ्ता कैदी को मृत बताया

Fri, 14 Jul 2017 04:58 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : डेमो ‌प‌िक
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अमेठी पुलिस का कारनामा जानकर कोई भी चौंक जाएगा। तफ्तीश के बाद भेजी गई अपनी रिपोर्ट में अमेठी पुलिस ने जिसके मर चुके होने की जानकारी दी है, वह अपने बड़े भाई के साथ वाराणसी सेंट्रल जेल में बंद है। दोनों भाई आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
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अमेठी पुलिस की रिपोर्ट से हैरान कैदी ने सेंट्रल जेल प्रशासन के अलावा प्रदेश के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है और न्याय की गुहार लगाई है।
अमेठी जिले के जामो थाना के कटारी गांव निवासी उदय प्रकाश शुक्ला और उसके भाई विजय प्रकाश शुक्ला के खिलाफ 2003 में हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा हुई तब से वे सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं। उदय प्रकाश ने बताया कि बीते दिनों उसने अपना मकान बनवाने के लिए दो महीने की पैरोल मांगी थी। अमेठी जिले की पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर वहां के जिला मजिस्ट्रेट ने पैरोल पर रिहा न करने की संस्तुति की।
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पुलिस ने रिपोर्ट में अन्य ब्योरों के साथ यह भी बताया है कि उसका भाई विजय प्रकाश मर चुका है।
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समय पूर्व रिहाई के लिए सही रिपोर्ट भेजें

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सजायाफ्ता कैदियों की समय पूर्व रिहाई के लिए जिला स्तर से जो रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जाती है, उसके तथ्य सही नहीं होते। इस पर प्रदेश के गृह सचिव ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और जिला प्रोबेशन अधिकारियों को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है।

कहा है कि सही और तथ्यपरक रिपोर्ट भेजें। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर मामलों में छानबीन करने के बजाए पुलिस सीधा यह रिपोर्ट लगा देती है कि कैदी का छोड़ा जाना शांति और कानून व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं होगा।

बता दें कि सेंट्रल जेल में 14 साल से अधिक समय से सजा काट रहे कैदियों की संख्या 350 से ज्यादा है। इनमें से 61 ऐसे हैं जो 70 साल से अधिक उम्र के हैं। वहीं, 70 साल से अधिक आयु वाले कैदियों की कुल संख्या 220 है।
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