अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू हुआ था। करीब 15 दिनों में ही जुलाई की सभी तिथियां भर गईं। अब अगस्त माह के लिए पंजीकरण हो रहा है, हालांकि अगस्त में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। बनारस और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।
पंजाब नेशनल बैंक, जेएंडके बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पताल और लालबहादुर शास्त्री चिकित्सालय, रामनगर में मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है।
कश्मीर के चंदनवाड़ी में पिछले 25 वर्षों से सेवा शिविर संचालित कर रही श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि 3 जुलाई से शिविर शुरू हो जाएगा। कुछ सेवादार 20 जून को ही पहुंच जाएंगे, जो वहां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देंगे।
25 जून को खाद्य सामग्री वाहन से भेजी जाएगी और 28 जून तक पूरी टीम पहुंच जाएगी। इसके बाद शिविर और मंदिर निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। शिविर में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था रहेगी।
पहली बार परोसा जाएगा पापकॉर्न: काशी के भंडारे में इस बार बनारसी व्यंजनों के साथ चाइनीज, पावभाजी और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी शामिल किए जाएंगे। दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि बाबा अमरनाथ के श्रद्धालुओं को पहली बार पापकॉर्न भी खिलाया जाएगा। इसके लिए पापकॉर्न, मलइयो और ढोकला तैयार करने की मशीनें भी साथ ले जाई जाएंगी। श्रद्धालुओं को पावभाजी, चाइनीज व्यंजन, इडली, सोनपापड़ी, गुलाब जामुन और बर्फी आदि निशुल्क परोसी जाएंगी।
जुलाई में जाने वाले ऑन-द-स्पॉट करा सकते हैं पंजीकरण
दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि जुलाई में यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे श्रद्धालु स्वास्थ्य परीक्षण कराकर सीधे जम्मू-कश्मीर पहुंच सकते हैं और वहां सरकार द्वारा स्थापित पंजीकरण केंद्रों पर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट में से कोई एक पहचान-पत्र साथ रखना होगा। उन्होंने बताया कि 10, 15 और 20 श्रद्धालुओं वाले लगभग 30 समूहों का पंजीकरण कराया गया है, जिन्हें जुलाई में यात्रा की तिथि मिली है।