राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने रविवार को मऊ में कहा कि अपने स्वार्थ के लिए भारत मां का बंटवारा कर पाकिस्तान की स्थापना कराने वाले जिन्ना का नाम किसी भारतवासी के लिए लेना गलत होगा।
अप्राकृतिक तरीके से जिन्ना द्वारा स्थापित किए गए पाकिस्तान का हश्र किसी से छुपा नहीं। जिन्ना अपने मकसद में नेहरू और उनके कैबिनेट में मंत्री रहे पटेल और श्यामाप्रसाद मुखर्जी के कमजोर पड़ने पर कामयाब हो गए।
आज यदि सपा जिन्ना की हितैषी बन रही है तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लोहिया के विचारों का अध्ययन करना चाहिए। आज समाजवादियों से ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डा. लोहिया के विचारों पर अमल कर रहें है।
रविवार को अमर सिंह मऊ में एक वैवाहिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आए थे। अमर सिंह ने कहा कि लोक तंत्र को दिशा देने का काम करने वाली राजनीति आज के दौर में नेताओं की ओछी बयान बाजी से घटिया हो चुकी है। इसकी की परिणीति है बोतल से जिन्ना का भूत निकल पड़ा।