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भदोही में कथित संत ने आश्रम में किशोरी को बंधक बनाया, विरोध के बाद पुलिस ने छुड़ाया

Mon, 05 Feb 2018 03:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
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समर्थकों संग तथाकथित संत राजेंद्र प्रसाद मध्य में - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के भदोही में एक कथित संत ने अपने आश्रम में जौनपुर की एक किशोरी को बंधक बना लिया। पुलिस जब किशोरी को छुड़ाने के लिए गई तब कथित संत व कुछ लोगों ने पुलिस का विरोध किया। पुलिस ने इसके बाद भी ‌किशोरी को आश्रम से छुड़ाया।
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पुलिस ने किशोरी का मेडिकल मुआयना कराने के बाद किशोरी को परिवारीजनों को सौंप दिया गया। आश्रम संचालक कथित संत समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आश्रम में 50 से अधिक युवक-युवतियां मौजूद हैं।

मिर्जापुर के विंध्याचल निवासी राजेंद्र प्रसाद जिले के औराई क्षेत्र के नटवां औरंगाबाद गांव के बाहर टेंट लगाकर आश्रम चलाते हैं। बताया जाता है कि खुद को संत कहने वाले राजेंद्र प्रसाद समता मूलक समाज की स्थापना के लिए युवाओं के माध्यम से गांव-गांव अंबेडकर के विचारों का प्रचार-प्रसार कराते हैं। इसके लिए उसने आश्रम में युवक और युवतियों को रखा है। उन्हें दो से तीन-हजार रुपये मानदेय देता है।
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किशोरी के मामा ने थाने में दी तहरीर

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रविवार को जौनपुर के सुरेरी निवासी एक व्यक्ति ने औराई थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी भांजी को बहला-फुसला कर कथित संत ने आश्रम में रखा है। इस पर औराई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देख राजेंद्र प्रसाद और युवक-युवतियां लामबंद हो गए।

हल्के विरोध के बाद पुलिस किशोरी को मुक्त करा कर अस्पताल ले गई। वहां मेडिकल कराने के बाद उसे परिवार वालों के हवाले कर दिया गया। साथ ही आश्रम संचालक राजेंद्र प्रसाद, उसके बेटे सूरज कुमार, मनीष कुमार, राम आसरे और रूबी बानो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

सीओ औराई पवन कुमार का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं, समर्थकों के साथ राजेंद्र प्रसाद भी थाने पहुंच गए। उनका कहना था कि अंबेडकर के विचारों को गांव-गांव पहुंचाना और बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार देना उनका मकसद है।

जिस जमीन पर राजेंद्र प्रसाद दो महीने से तंबू लगाकर आश्रम चला रहा है,  वह ग्राम समाज की है। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही वहां से तंबू हटाने के साथ ही प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।
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