अक्षय तृतीया पर होगा मां मणिकर्णिका देवी का शृंगार
काशी के प्राचीन तीर्थ चक्र पुष्करिणी कुंड स्थित मां मणिकर्णिका देवी का शृंगार महोत्सव अक्षय तृतीया 20 अप्रैल से विविध अनुष्ठान होगा। मणिकर्णिका चक्र पुष्करणी कुंड के प्रधान पुरोहित पं. जयेन्द्र नाथ दुबे ने बताया कि सुबह से रात तक माता का शृंगार होगा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करेंगे। अंतिम दिन 21 अप्रैल को दिन में 12 बजे मां मणिकर्णिका देवी को छप्पन भोग लगेगा। श्रद्धालुओं के लिए मणिकर्णिका कुंड में स्नान करेंगे।
बताया कि धार्मिक मान्यतानुसार, इस दिन चक्र पुष्करिणी कुंड में स्नान करने मात्र से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यह प्राचीन कुंड मणिकर्णिका घाट पर स्थित है, जिसका धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजन-अर्चन एवं स्नान कर करेंगे। बताया कि इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पूजन के शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया पर पूजन के पांच मुहूर्त बन रहे हैं। सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक का मुहूर्त समय सबसे श्रेष्ठ है। इसके बाद दोपहर 1:50 बजे से 3:30 बजे तक, शाम 6:45 बजे से रात 10:55 बजे तक है। दोपहर 2:30 बजे से 3:22 बजे तक विजय मुहूर्त होगा, जो नया व्यापार या निवेश शुरू करने के लिए उत्तम होंगा। वहीं, शाम 5:15 बजे से 6:50 बजे तक अमृत काल होगा।
राशि अनुसार करें खरीदारी
अक्षय तृतीय पर लोग अपनी राशि के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। मेष और वृश्चिक राशि के लोग तांबा या इसके बर्तन खरीद सकते हैं। ऋषभ व तुला राशि वाले नमक, मिथुन और कन्या राशि वाले हरी मूंग व सेंधा नमक, धनु व मीन राशि के लोग स्वर्ण, मकर व कुंभ राशि वाले स्टील के बर्तन व झाड़ू, कर्क राशि वाले चांदी और सिंह राशि वाले लोग सोना, हीरा और प्लेटिनम खरीद सकते हैं।