अक्षय तृतीया पर किया गया दान व पुण्य फलदायी
अक्षय तृतीया तिथि पर किए गए सभी धार्मिक कृत्य, दान व पुण्य के कार्य अक्षय होते हैं। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि विष्णु धर्मोत्तर पुराण के लिए जो व्यक्ति अक्षय तृतीया का व्रत रखते हैं उसे सभी तीर्थों का फल प्राप्त हो जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त की मान्यता है। भगवान विष्णु, लक्ष्मी, कृष्ण की पंचोपचार एवं दशोपचार अथवा षोडशोपचार पूजन का भी विधान है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 22 अप्रैल को सुबह 07.49 से दोपहर 12.20 मिनट तक है। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 49 मिनट से लेकर अगले दिन 23 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 47 मिनट तक है।
राशि अनुसार करें दान
मेष- ब्राह्मण को जौ व सत्तू से निर्मित पदार्थ
वृषभ-ऋतुफल, घट एवं दूध।
मिथुन-हरा मूंग, खीरा, ककड़ी, सत्तू।
कर्क-जल से पूरित घट, दूध, मिश्री, छाता
सिंह-शिव मंदिर में सत्तू, जौ, गेहूं।
कन्या-मंदिर में खीरा, तरबूज, ककड़ी।
तुला-श्वेत पदार्थ, मिश्री, दूध
वृश्चिक-जल से भरा घट, पंखा, लाल रंग के मिष्ठान ।
धनु-शिव मंदिर में चने की दाल से निर्मित पदार्थ, सत्तू तथा ऋतुफल
मकर-जल से पूरित घट, मिष्ठान एवं दूध।
कुंभ-गरीब व्यक्ति को जल से पूरित घट, ऋतुफल, गेहूं, सत्तू।
मीन-बेसन से बने पदार्थ, सत्तू, पीले रंग के मिष्ठान, खड़ी हल्दी की गांठ।
अक्षय तृतीया का व्रत 23 को खरीदारी का मुहूर्त 22 को
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार अक्षय तृतीया पर खरीदारी का मुहूर्त 22 अप्रैल को और व्रत का मुहूर्त 23 को उदया तिथि में रहेगा। इस बार अक्षय तृतीया पर 6 शुभ योग बन रहे हैं।
त्रिपुष्कर योग: 22 अप्रैल, सुबह 05 बजकर 49 मिनट से सुबह 07 बजकर 49 मिनट तक
आयुष्मान योग: प्रात:काल से सुबह 09 बजकर 26 मिनट तक
सौभाग्य योग: प्रात: 09:36 बजे से पूरी रातरवि योग: रात 11:24 बजे से 23 अप्रैल को सुबह 05:48 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: रात 11 बजकर 24 मिनट से अगली सुबह 05 बजकर 48 मिनट तक
अमृत सिद्धि योग: रात 11:24 बजे से अगले दिन सुबह 05:48 बजे तक