रमजान का पहला रोजा मंगलवार से शुरू हो गया। मुसलमानों ने अकीदत के साथ रमजान का पहला रोजा रखा जिसमें बड़े, बुजुर्ग, नौजवान और बच्चे सभी शामिल रहे। रोजा रखने के साथ ही इबादत का सिलसिला शुरू हो गया। शाम को अजान होते ही लोगों ने बारगाहे इलाही में दुआओं के लिए हाथ उठाए और फिर खजूर और पानी से रोजा खोला। वहीं इशा की नमाज में तरावीह अदा की गई। हालांकि गर्मी और बिजली ने रोजेदारों का खूब इम्तहान लिया। एक ओर से कड़ी धूप और उमस ने रोजेदारों की परेशानी बढ़ाई, वहीं मनमाना बिजली कटौती ने भी रोजेदारों की इबादत से लेकर सहरी और इफ्तार में खलल डाली।
मंगलवार को सुबह सहरी के वक्त भी बिजली नहीं थी। सहरी तो जैसे तैसे लोगों ने कर ली लेकिन नमाज और तिलावत करने में परेशानी झेलनी पड़ी। कई इलाकों में इफ्तार के दौरान बिजली गुल रही। लोगों को अंधेरे और पसीने में पहला रोजा खोलाना पड़ा। बिजली न होने की वजह से पानी की दिक्कत से भी लोगों को दो चार होना पड़ा। तपती गर्मी में भी भूख और प्यास के अहसास को भूलकर लोग इबादत में मशगूल रहे। छोटे-छोटे बच्चों ने इतनी तल्ख गर्मी में बड़े ही हौसले के साथ रोजा रखा और उसे पूरा भी किया।
पहला रोजा था इसलिए घरों में दोपहर से ही इफ्तार की तैयारियां शुरू हो गई थीं। इफ्तार का दस्तरख्वान अलग - अलग पकवानों से सजा हुआ था। शाम 6:47 पर अजान हुआ, रोजेदारों ने खजूर और शरबत से रोजा खोला। मस्जिदों में भी सामूहिक इफ्तार में लोग जुटे। रात में इशां के बाद तरावीह की नमाज का सिलसिला भी देर रात तक चला।