वाराणसी के मशहूर ट्रांसपोर्टर रहे धनराज यादव की हत्या के मामले में बीते छह साल से फरार गैंगस्टर तरवां ब्लाक के पूर्व प्रमुख अखंड प्रताप सिंह ने गैंगेस्टर कोर्ट आजमगढ़ में सरेंडर कर दिया। एडीजी वाराणसी ने अखंड प्रताप पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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अखंड प्रताप पर 36 से ज्यादा हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही वह 2017 में आजमगढ़ के अतरौलिया विधानसभा से बसपा से प्रत्याशी रह चुके हैं।
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अखंड प्रताप सिंह पुत्र साहब सिंह तरवां थाने के जमुवां गांव का निवासी है। 11 मई 2013 को तरवां थाना क्षेत्र के रहने वाले और वाराणसी के मशहूर ट्रांसपोर्टर धनराज यादव की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना का अखंड प्रताप सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था।
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अखंड अपने मजबूत राजनीतिक पकड़ के चलते पुलिस की आंख में धुल झोंकते हुए लगातार कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ कर रहा था। साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में अखंड प्रताप सिंह पैरोल पर जेल से रिहा होकर बहुजन समाज पार्टी के बैनर तले अतरौलिया विधान सभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा, हालांकि वह चुनाव हार गया। तभी से अखंड फरार चल था।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसके घर हाजिर होने के लिए नोटिस चस्पा करते हुए डुगडुगी पिटवा चुकी थी। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया था कि अखंड प्रताप सिंह के ऊपर एडीजी वाराणसी जोन की तरफ से एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया। उसके विषय में सूचना देकर पकड़वाने वाले को ईनाम की राशि दी जाएगी। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा।