कोर्ट में पेशी के बाद समर सिंह (सफेद गमछे में) को ले जाती पुलिस
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भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी समर सिंह शनिवार शाम भारी गहमागहमी के बीच अदालत में पेश किया गया। समर सिंह की पेशी की सूचना पर आकांक्षा दुबे के समर्थक अच्छी-खासी संख्या में कचहरी परिसर में पहुंच गए थे। इसके मद्देनजर कचहरी परिसर में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान भी तैनात किए गए थे।
समर को देखते ही आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने जबरदस्त हूटिंग की और उस पर हमले का प्रयास भी किया। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के कारण समर पर हमला करने में किसी को भी सफलता नहीं मिली। पुलिस अपने सुरक्षित घेरे में समर सिंह की पेशी के बाद उसे वाहन में बैठाई और फिर जिला जेल ले गई। इस बीच पत्रकारों ने आकांक्षा दुबे की मौत के संबंध में समर से सवाल पूछे, लेकिन वह सिर झुकाए हुए चुप्पी साधे रहा।
समर सिंह की अदालत में पेशी
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पुलिस के अनुसार आकांक्षा दुबे की आत्महत्या की गुत्थी तभी सुलझेगी, जब आरोपी समर सिंह से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। 10 अप्रैल को प्रभावी तरीके से दलीलें प्रस्तुत कर अदालत से समर को 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया जाएगा। अब तक की पूछताछ में समर से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उसका डेटा भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिल्म शूटिंग के लिए वाराणसी आईं अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की आत्महत्या के मामले में समर सिंह व उसका दोस्त संजय सिंह नामजद है। समर 10 दिन से पुलिस से आंख मिचौली खेल रहा था, लेकिन गुरुवार देर रात वह पुलिस के चंगुल में फंस गया। वह गाजियाबाद में अपने जिस परिचित के फ्लैट में ठहरने के लिए पहुंचा था, वहां वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस को देखकर सन्न रह गया।
पुलिस ने गिरफ्तारी की बात कही तो वह रोने लगा। उसने पुलिस से गुहार लगाई और कहा कि आकांक्षा दुबे ने न कोई सुसाइड नोट नहीं लिखा था। ना आत्महत्या से पहले उस पर कोई आरोप लगाया, फिर भला उसे कसूरवार क्यों ठहराया जा रहा है? इसलिए उसे छोड़ दिया जाए।