एक बार लगा कि वह अपना पक्ष पुलिस के सामने रखे, लेकिन मधु दुबे के आरोपों की वजह से वह हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद अपना वाहन लखनऊ में ही छोड़ कर सड़क मार्ग से अपने दोस्त संजय सिंह के साथ गाजियाबाद चला गया। गाजियाबाद के साथ ही दिल्ली, नोएडा और देहरादून में अपने खास करीबियों के यहां ठिकाने बदल-बदल कर रहा।
साहसी थी आकांक्षा
समर ने कहा कि उसने यह कभी नहीं सोचा था कि आकांक्षा आत्महत्या कर लेगी। वह एक साहसी लड़की थी और उसने अपने दम पर भोजपुरी इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम बनाया था। अगर उसे पता होता कि आकांक्षा के मन में आत्महत्या जैसा कोई गलत विचार आया है तो वह गोरखपुर से वाराणसी आकर उसे समझाता।
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पता था पुलिस का छापा पड़ेगा, इसलिए मुंबई नहीं गया
पुलिस की पूछताछ में समर ने बताया कि उसके ऑफिस लखनऊ और मुंबई में हैं। रुपये के लेनदेन और उसके प्रमोशन से संबंधित कामकाज दोस्त संजय सिंह देखता है। उसे पता था कि मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस उसकी तलाश में आजमगढ़ के मेंहनगर स्थित घर जाएगी। फिर, लखनऊ और मुंबई स्थित उसके ठिकानों पर छापा मारेगी। इसलिए जानबूझकर मुंबई नहीं गया और लखनऊ भी छोड़ दिया।