बहुत शातिर है गिरधारी, राज उगलवाना आसान नहीं
लगभग 15 महीने शांत रहने के बाद अजीत की हत्या से पूर्व बाबहुली सांसद की शरण में रहने वाले गिरधारी को लेकर लखनऊ, बनारस, दिल्ली और मुंबई तक खलबली मच गई। गिरधारी को दिल्ली में गिरफ्तार करने से लेकर उसे लखनऊ लाने की कवायद में जुटे पुलिस सूत्रों ने बताया कि शातिर बदमाश से कुछ भी उगलवाना आसान नहीं है। फिर भी प्रयास यही होगा कि गिरधारी चारों हत्या के बारे में सही, सटीक और सार्थक जानकारी दे। ताकि, उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी प्रभावी कार्रवाई हो सके।
आजमगढ़ के तरवां क्षेत्र में रची गई थी अजीत की हत्या की साजिश
अजीत सिंह की हत्या की साजिश आजमगढ़ जिले के तरवां क्षेत्र के एक सफेदपोश के घर रची गई थी। हत्या की वजह पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या में अजीत की गवाही न होने देने के साथ ही मुहम्मदाबाद गोहना के ब्लाक प्रमुख चुनाव में गिरधारी के आगे कोई सशक्त प्रत्याशी नहीं उतरने देना था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आजमगढ़ जेल में बंद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू वारदात का सूत्रधार था और उसने गिरधारी को विश्वास में लिया था। फिर इसकी जानकारी जेल में ही बंद अखंड प्रताप सिंह और पूर्व बाहुबली सांसद व सुल्तानपुर निवासी उसके दो गुर्गों को भी दी गई।
तरवां क्षेत्र निवासी सफेदपोश ने ही कुंटू के कहने पर गिरधारी के लखनऊ जाने के साथ ही उसके रहने-ठहरने और आवागमन की व्यवस्था भी कराई थी। इस बीच गिरधारी, उसके साथी शूटरों की बातचीत वारदात की साजिश में शामिल सभी लोगों से व्हाट्सएप कॉल और चैट के माध्यम से लगातार होती रही।
महिला मित्र के फ्लैट में रुकता था गिरधारी
मऊ की रहने वाली गिरधारी की एक महिला मित्र का फ्लैट दिल्ली में है। गिरधारी पहले भी पुलिस को चकमा देने के लिए मुंबई जाता था और फिर दिल्ली लौटकर महिला मित्र के फ्लैट में छुप कर रहता था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले गिरधारी अपने महिला मित्र के ही फ्लैट में जाने की तैयारी में था। इस बीच उसे लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की एक-एक गतिविधि की सूचना व्हाट्सएप पर मिल रही थी। हालांकि किसी तरह से वह पकड़ा गया
संरक्षण देने वालों की बढ़ी धुकधुकी
उसके गिरफ्तार होने के बाद उसे संरक्षण और शरण देने वालों की हलक के नीचे पानी भी नहीं उतर रहा है। सभी को आशंका है कि पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में कहीं गिरधारी टूट न जाए और सबका नाम न ले ले। उधर, लखनऊ पुलिस ने अजीत की हत्या में शामिल एक शूटर की उपचार कराने संबंधी साक्ष्य मिलने पर पूर्व बाहुबली सांसद के कुछ करीबियों को हिरासत में लेकर मंगलवार से नए सिरे से पूछताछ शुरू की है।
पूर्व बाहुबली सांसद के लिए आगामी दिन होंगे बेहद मुश्किल भरे
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच अब सीबीआई कर रही है। बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच के लिए जो याचिका दाखिल की थी, उसमें अपने भाई पीजे और तारिक की हत्या को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की साजिश का हिस्सा बताया था।
ऐसे में पुलिस अफसरों का कहना है कि अजीत, बजरंगी, तारिक और पीजे की हत्या में सवालों के घेरे में रहने वाले पूर्व बाहुबली सांसद के लिए आगामी दिन गिरधारी के गिरफ्त में आने के बाद मुश्किल भरे होंगे। इसके साथ ही पूर्व बाहुबली सांसद और रिटायर्ड डिप्टी एसपी के बेटे से जुड़े सभी लोग पुलिस के रडार पर भी हैं।
गिरफ्तारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं, कई सवाल
इनामी बदमाश गिरधारी की गिरफ्तारी को लेकर बनारस से लखनऊ तक तरह-तरह की चर्चाएं हैं। जरायम जगत और पुलिस की कार्यशैली पर बारीकी से नजर रखने वालों का कहना है कि ऐसा अक्सर क्यों होता है कि जो पूर्वांचल से लेकर लखनऊ तक कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाते हैं, वह आसानी से दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं।
पूर्व में बजरंगी और एक मौजूदा एमएलसी की गिरफ्तारी जैसे ऐसे कई उदाहरण सामने हैं। वहीं कुछ जानकारों का यह भी कहना था कि कहीं खुद पर शिकंजा कसता देख कर पूर्व बाहुबली सांसद ने अपने गुर्गे गिरधारी को जान-बूझकर तो नहीं दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा दिया।