शहर दक्षिणी, उत्तरी, कैंट और रोहनिया से भाजपा के घोषित प्रत्याशियों को लेकर रूठने-मनाने का दौर अभी पूरी तरह से थमा नहीं है, तब तक अजगरा के भासपा प्रत्याशी को लेकर भी विरोध के सुर उठने लगे हैं। इस सियासी खींचतान ने भाजपा के रणनीतिकारों को अजगरा सीट के बारे में फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। इस बीच रोहनिया से टिकट न मिलने से खफा भाजपा नेता ने महापंचायत बुलाई। उधर, कार्यकर्ताओं के असंतोष को देखते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी प्रबंधन की तैयारियों में नए सिरे से जान फूंकने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
अजगरा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा-भासपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के सामने हंगामा किया। डॉ. पांडेय ने दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। कहा जा रहा है कि अजगरा सीट पर भासपा ने गठबंधन की शर्तों के खिलाफ जाकर कैलाश सोनकर को टिकट दे दिया है। कैलाश सोनकर सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर के मामा हैं। सूत्रों के मुताबिक इस सीट से भासपा के निशान पर भाजपा प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है।
गुरुवार को सुतबलपुर गेट के पास कार्यकर्ता के मकान में हुई बैठक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान प्रत्याशी का प्रचार करने से कार्यकर्ता कतरा रहे हैं। इस दौरान मौजूद भासपा कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि यदि अब टिकट बदला गया तो कार्यकर्ता काम नहीं करेंगे। भासपा के प्रदेश महासचिव संतोष मिश्र ने अपने कार्यकर्ताओं को समझाया। बैठक में दिलीप सोनकर, अजय मिश्र, प्रमोद पांडेय, पंकज तिवारी और भासपा नेताओं में शशि प्रताप सिंह, रमेश राजभर आदि शामिल रहे।
टिकट बंटवारे के बाद कार्यकर्ताओं के असंतोष को देखते हुए गुरुवार को गुलाब बाग स्थित पार्टी कार्यालय में आठ से दस चुनिंदा नेताओं की गुप्त बैठक रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के गाजीपुर की सभा के कारण नहीं आने के कारण चुनाव प्रबंधन पर चर्चा में बदल गई। हालांकि केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, वरिष्ठ संगठन मंत्री हृदयनाथ सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और क्षेत्रीय संगठन मंत्री रत्नाकर की मौजूदगी में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। गोपनीय बैठक अब शुक्रवार को होगी।