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नेपाली युवतियों से देह व्यापार, एयरपोर्ट प्रबंधन, एयरलाइंस और सीआईएसएफ के कर्मियों की भूमिका संदिग्ध

Wed, 08 Aug 2018 10:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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 नेपाली युवतियों को विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर जबरन देह व्यापार कराने के मामले में खुफिया इकाइयों के रडार पर अब नई दिल्ली व बाबतपुर एयरपोर्ट प्रबंधन, एयरलाइंस और सीआईएसएफ  के कर्मचारी हैं। गिरफ्त में आए तीन अहम आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जल्द ही कुछ और लोगों के खिलाफ  कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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नई दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लैट से पश्चिम बंगाल की दो और नेपाल की 16 युवतियों को 30 जुलाई को पुलिस ने मुक्त कराया था। इस मामले में गाजीपुर के राजेंद्र यादव, नई दिल्ली के पवन खुराना और काठमांडू निवासी सवीन शाह के साथ ही पश्चिम बंगाल की रहने वाली सुंदरी को गिरफ्तार कर पुलिस बनारस ले आई।

राजेंद्र, पवन और सवीन को 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर शिवपुर पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच, एलआईयूए आईबी और एटीएस के अधिकारियों ने पूछताछ की।

 

पूछताछ में नेपाली युवतियों को रोजगार दिलाने के नाम पर खाड़ी देशों में भेजे जाने के मामले में नई दिल्ली और बाबतपुर एयरपोर्ट पर कार्यरत कुछेक कर्मचारियों, एयरलाइंस कंपनियों के कुछेक कर्मचारियों और बाबतपुर एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ  के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार आईबी सहित अन्य खुफिया इकाइयां यह ब्योरा जुटा रही हैं कि हाल-फिलहाल में बाबतपुर और नई दिल्ली एयरपोर्ट से नेपाल की कितनी युवतियां खाड़ी देशों की यात्रा पर गईं। मानव तस्कर गिरोह के एजेंटों ने इसके लिए किस-किस से संपर्क किया। किस-किसके बैंक खाते में खाड़ी देशों से पैसा जमा किया गया। सर्विलांस और बैंक एकाउंट का विवरण सहित अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाकर जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
 

कुवैत, दुबई, दोहा और लेबनान भेजी जाती थी नेपाली युवतियां

मानव तस्कर गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में पुलिस और खुफिया इकाइयों को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। पुलिस के अनुसार सोनौली, बहराइच सहित अन्य रास्तों से मानव गिरोह तस्कर के सदस्य नेपाली युवतियों को नई दिल्ली ले जाते थे। इसके बाद उन्हें कुवैत, दुबई, दोहा और लेबनान भेजा जाता था।

इन युवतियों के लिए टूरिस्ट वीजा का प्रबंध कुवैत में रहने वाली एक महिला करती है। खाड़ी देशों में युवतियों के पहुंचते ही टूरिस्ट वीजा के आधार पर ही जालसाजी कर वर्क परमिट जारी करा लिया जाता था। नई दिल्ली से विदेश पहुंचाने के मामले में पुलिस को अब सत्यनारायण योगी सहित तीन अन्य आरोपियों की तलाश है।

पुलिस की पूछताछ में मानव तस्कर गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वे नेपाली युवतियों से देह व्यापार नहीं कराते थे बल्कि उन्हें रोजगार दिलाने का काम करते थे। पूछताछ करने के बाद एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने गुरुवार को बताया कि चारों आरोपियों के बैंक खातों में खाड़ी देशों से 50 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम जमा की गई है, यह चिंता का विषय है।

आरोपियों के बैंक खातों का वेरिफिकेशन करा कर उन्हें फ्रीज कराया जाएगा। कुवैत की रोजगार एजेंसी के माध्यम से नेपाली लड़कियां खाड़ी देशों को भेजी जाती हैं। इस गिरोह में देश नहीं विदेशों के लोग भी शामिल हैं। सभी की जानकारी जुटाकर सुरक्षा और खुफिया मामलों की शीर्ष एजेंसियों को भी इस संबंध में सूचित किया जाएगा।
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होता किराएदारों का सत्यापन तो न आती ऐसी नौबत

नेपाली युवतियों के प्रकरण में खुफिया इकाइयों ने सूचना संकलन के काम में घोर लापरवाही बरती। इसके साथ ही पुलिस भी कम कसूरवार नहीं है। यदि किराएदारों के सत्यापन का काम जिले की पुलिस गंभीरता से करती तो भाजपा नेता जय सिंह उर्फ पप्पू के मकान में किराए पर फ्लैट लेने वाले मानव तस्कर गिरोह के सदस्यों का नेटवर्क पहले ही पकड़ में आ जाता। किराएदारों का सत्यापन न होने की वजह से ना जाने कितने आपराधिक प्रवृत्ति के तत्व शहर में शरण लेकर टिके हुए हैं।

सोनौली से आने वाली बसों की औचक चेकिंग करेगी पुलिस
नेपाल से जो भी युवतियां बनारस लाकर नई दिल्ली भेजी गईं वे रोडवेज की बस से यहां आईं। इसे देखते हुए जिला पुलिस ने निर्णय लिया है कि सोनौली और गोरखपुर से आने वाली रोडवेज की बसों की औचक तलाशी कराई जाएगी। इस दौरान नेपाल से आने वाले युवक और युवतियों से पूछताछ कर उनके बनारस आने के कारण की तस्दीक की जाएगी।

एयरपोर्ट पर कामकाज के दौरान ही मिले तीनों आरोपी
सविन शाह, पवन खुराना और राजेंद्र यादव तीनों अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं। तीनों की मुलाकात बाबतपुर और नई दिल्ली स्थित एयरपोर्ट पर लोडिंग-अनलोडिंग के काम के दौरान हुई। नेपाल से युवतियों को लाने की जिम्मेदारी सविन और सुंदरी की थी। वहीं, उन्हें दिल्ली तक पहुंचाने और ठहराने की व्यवस्था पवन खुराना और राजेंद्र करते थे। विदेश भेजने की जिम्मेदारी सत्यनारायण योगी सहित तीन अन्य पर थी।
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