Varanasi Central Jail, Varanasi
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इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने दिल्ली से आए आचार्य मधुर दास जी महाराज को मंच पर आमंत्रित किया। बंदियों को संबोधित करते हुए आचार्य मधुर दास महाराज ने कहा कि धार्मिक ग्रंथ केवल देखने, सुनने, पढ़ने या रखने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनके संदेशों को अपने आचरण में उतारने के लिए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर रावण और कुंभकर्ण जैसी बुराइयां मौजूद होती हैं। जरूरत इन बुराइयों को समाप्त कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की है। रामलीला का उद्देश्य भी लोगों को अच्छे आचरण, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है।