माघ मास में बसंत पंचमी पर शुक्रवार को गंगा स्नान के लिए आस्थावानों की भीड़ रही। दशाश्वमेध, अस्सी और राजघाट पर हुजूम उमड़ा रहा। भोर से रात तक स्नान-दान करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते रहे। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ ही घाट किनारे के देवालयों में दर्शन-पूजन किया। वहीं, माघ मेले से संगम स्नान कर लौटे श्रद्धालुओं ने काशी में भी स्नान कर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।
माघ मास में स्नान का विशेष महत्व है। इस मास के प्रमुख स्नानों में एक बसंत पंचमी भी है। काशी में गंगा स्नान के पुण्य लेने पूर्वांचल भर से श्रद्धालु पहुंचे थे। बृहस्पतिवार की शाम से ही बाहर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दशाश्वमेध, अस्सीघाट, पंचंगंगा, राजघाट आदि घाटों पर भोर में ही स्नान शुरू हो गया। तीर्थ पुरोहितों से संकल्प कराने के साथ ही उन्हें दान-दक्षिणा दिया। दोपहर बाद प्रयागराज में लगे माघ मेले में संगम स्नान कर लौटे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के सभी गेटों पर दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही।
मार्कंडेय धाम में उमड़े भक्त
शहर के बाहर मार्कंडेय महादेव घाट, ढकवां के गौरीशंकर महादेव घाट, माधोपुर घाट और वरुणा तट पर रामेश्वर घाट पर स्नान के लिए भीड़ रही। ग्रामीण इलाकों के लोगों ने स्नान कर शिवालयों में दर्शन-पूजन किया। मार्कंडेय महादेव धाम में दर्शन के लिए पूर्वांचल भर से श्रद्धालु पहुंचे थे। शूलटंकेश्वर महादेव, रामेश्वर महादेव मंदिर, गौरीशंकर महादेव में दर्शन किए।