बारिश के चलते मंगलवार को सीर गोवर्धन में रविदासिया भक्तों के निर्माणाधीन शिविरों में जगह-जगह पानी लग गया। इससे कुछ देर के लिए काम प्रभावित हो गया।
मुख्य पंडाल के हैंगर के निर्माण का काम भी बारिश के चलते रोकना पड़ा। संत रविदास की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीर गोवर्धन स्थित मंदिर में मत्था टेकेंगे। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होने के बाद मंदिर प्रबंधन के अलावा सेवादारों और संत के अनुयायियों का उत्साह बढ़ गया है। माघी पूर्णिमा पर 22 फरवरी को यहां देश-दुनिया से संत रविदास के लाखों की तादाद में अनुयायी पहुंचेंगे।
अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ने के बाद सीर गोवर्धन में पंडाल निर्माण की तैयारियों पर असर पड़ गया। दोपहर में बूंदबांदी होने की वजह से शिविरों के निर्माण में लगे मजदूरों को काम ठप करना पड़ा। शाम को करीब 15 मिनट झमाझम बारिश होने से शिविरों के अलावा मुख्य पंडाल के हैंगर को तैयार करने का काम भी प्रभावित हो गया। सड़कों पर कीचड़ फैलने के साथ ही शिविरों में भी जगह-जगह पानी लग गया।
मंदिर के पुजारी मंदीप दास के अलावा संत रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी केएल सरोवा ने शिविर क्षेत्र के अलावा मुख्य आयोजन स्थाल का जायजा लिया। बिजली विभाग के अभियंताओं ने भी बारिश के बाद शिविर क्षेत्र में तार-खंभों की स्थिति की जानकारी ली। सरोवा ने बताया कि इस बारिश से तैयारियों पर बहुत फर्क नहीं पड़ने वाला है। कच्चे रास्तों पर कीचड़ जरूर फैल गया है लेकिन इसे ठीक कर लिया जाएगा। जल्द ही शिविरों को अंतिम रूप देने के साथ ही पंडाल को तैयार कर लिया जाएगा।
यातायात पुलिस के अफसर भी पहुंचे सीर
वाराणसी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर यातायात पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को सीर स्थित संत रविदास मंदिर से लेकर बीएचयू तक का जायजा लिया। संबंधित विभागों को जल्द से जल्द सड़क निर्माण कर उसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की ताकीद की। मोदी 22 फरवरी को रविदास मंदिर जाएंगे।
दर्शन करने के बाद उन्हें सड़क मार्ग से बीएचयू तक ले जाने की तैयारियां हैं। इसके मद्देनजर प्रशासन सीर से लेकर बीएचयू तक की सड़क का निर्माण करा रहा है। जहां रास्ता संकरा है, उसे चौड़ा करने का प्रयास भी किया जा रहा है। रविदास मंदिर से बीएचयू कार्यक्रम स्थल तक का जायजा लेने मंगलवार को सीओ यातायात संतोष कुमार सीर पहुंचे। अन्य विभागों के लोग भी साथ थे।