चुनावी शंखनाद होते ही राजनीतिक दलों में बिसात बिछने लगी है। भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के दफ्तरों में अलग-अलग माहौल दिख रहा है।
सपा कार्यालय में जहां गिनती के कार्यकर्ता दिखे, वहीं कांग्रेस कार्यालय में फ्रंटल संगठनों के साथ टिकट के दावेदारों पर मंथन किया गया। भाजपा कार्यालय में रंग-रोगन करने के साथ ही चुनावी जानकारियां जुटाई जाने लगीं।
बसपा नेताओं ने बैठक कर ग्रासरूट लेबल पर कड़ी घेराबंदी करने के लिए कमर कस ली है। इनके साथ आम जनता भी चौपाल और चाय की दूकानों पर हार जीत की कयास लगा रहे हैं। कोई सपा में जारी रार को लेकर परेशान है तो कोई भाजपा का वाहवाही कर रहा है।
कांग्रेस, बसपा के साथ अन्य दलों पर भी लोग अपनी राय रख रहें है। ज्यादातर लोगों का ध्यान सपा परिवार पर ही लगा है। पार्टी के कार्यालयों पर एक नजर...
सपा कार्यालयः सियासी घमासान खत्म होने का इंतजार
शीर्ष नेतृत्व में मचे सियासी घमासान और प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद भी अर्दली बाजार स्थित समाजवादी पार्टी के जिला और महानगर कार्यालय पर चुनावी हलचल नहीं दिख रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व में जारी उठापटक का दौर जितना जल्दी खत्म हो जाए, पार्टी के लिए उतना ही बढ़िया होगा।
कार्यालय में मौजूद रहे नेता और कार्यकर्ता आगामी चुनाव में पार्टी की जीत को लेकर चर्चाओं में मशगूल दिखे लेकिन बीच-बीच में सीएम अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की खींचतान का जिक्र आ ही जा रहा था।
भाजपा-अपना दल कार्यालयों में चुनावी हलचल शुरू
भाजपा के तीनों कार्यालय और अपना दल के कार्यालय में भी चुनाव की हलचल शुरू हो गई है। कहीं इंटरनेट के जरिए चुनाव से जुड़ी जानकारियां एकत्र की जा रही हैं, तो कहीं रंगाई-पुताई कराई जा रही है। भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय गुलाबबाग में आईटी सेल के लोग डाटा एकत्र कर रहे हैं। सूबे की सियासत के विश्लेषण भी किए जा रहे हैं। भाजपा जिला कार्यालय कंचनपुर में पार्टी नेताओं की मंत्रणा भी हुई। भाजपा महानगर कार्यालय नीचीबाग में गुरुवार को रंगाई-पुताई चल रही थी। उधर अपना दल के शिवपुर स्थित वीडीए कालोनी में कार्यालय में भी हलचल रही।
कांग्रेस दफ्तर में टिकट पर गुफ्तगू
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कांग्रेस के दफ्तर में सरगर्मी बढ़ गई। पार्टी के मैदागिन स्थित जिला कार्यालय में गुरुवार को फ्रंटल संगठनों की बैठक हुई। फ्रंटल संगठन प्रभारी एमएलसी दीपक सिंह ने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। टिकट वितरण को लेकर पार्टी नेताओं की राय जानी। सोनभद्र, बलिया, गाजीपुर समेत आसपास के इलाके से आए कार्यकर्ताओं का कहना था कि निष्ठावानों को ही टिकट दिया जाना चाहिए।