सिविल बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह यादव ने कहा कि सदर एसडीएम द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। धारा के तहत अधिवक्ता रघुपति यादव को छोड़ा जाना चाहिए था, लेकिन सदर एसडीएम ने ऐसा नहीं किया।
साथ ही सदर एसडीएम ने वारंट पकड़ाकर जबरिया अधिवक्ता को जेल भेज दिया। यह एक अमानवीय कृत्य है। मांग की कि अधिवक्ता को अविलंब छोड़ा जाए और एसडीएम का निलंबन किया जाए। साथ ही जो गलत तरीके से मुकदमा दर्ज किया गया है, उसे हटाया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर अनवरत विरोध चलता रहेगा और न्यायिक कार्य ठप रहेंगे।
बता दें कि शहर कोतवाली के सकरताली गांव निवासी अधिवक्ता रघुपति यादव पर मुकदमा दर्ज कर देर रात उन्हें जेल भेज दिया गया था। इसे लेकर अधिवक्ता आक्रोशित हैं। इस मौके पर सिविल बार एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद तारिक सिद्दीकी, साधन चकवर्ती, लियाकत अली, बालमित्र केशरी, राकेश कुमार, बृजेश यादव, शशिकांत, रामप्रताप सिंह, कृपाशंकर सिंह, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, अब्दुल मलिक खान, अनिल कुमार, वीरेंद्र कुमार आनंद, कमलेश सिंह कुशवाहा, शशिज्योति पांडेय, रीना त्रिपाठी, चंद्रमोहन सिंह, अखिलेश कुमार यादव, राधेश्याम, आनंद कुशवाहा, सुरेंद्र कुमार बिंद, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बंशीधर कुशवाहा, वीरेंद्र चौबे, मुन्नू दूबे, आत्मा यादव, रामयश यादव, आदित्य नारायण सिंह कुशवाहा, राजेश सिंह, रमेश यादव, दीपक कुमार पांडेय, आनंद राजभर मौजूद रहे।