यूपी विधानसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण का मतदान बुधवार को है। प्रशासन के लिए नक्सल प्रभावित इलाके और दूर-दराज के क्षेत्रों में शांतिपूर्वक चुनाव कराना चुनौती है। इसलिए प्रशासन ने कुछ खास तरह की तैयारी की है।
यूपी की सबसे आखिरी विधानसभा सोनभद्र को नक्सल प्रभावित जिले के रूप में जाना जाता है। सोनभद्र का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ों और जंगलों से घिरा है। सोनभद्र से चार राज्यों बिहार,झारखंड,छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की बॉर्डर स्पर्श होती है।
बार्डर को स्पर्श करने वाले इलाके नक्सल प्रभावित हैं। सोनभद्र प्रशासन ने चुनाव के मद्देनजर पुलिस महकमे ने नक्सल एवं दुरूह इलाके में मुखबिरों का जाल बिछा दिया है। सादे पोशाक मे करीब 650 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण चुनाव आयोग ने रार्बटसगंज और दुद्धी विधान सभा क्षेत्र में सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक ही मतदान कराने का निर्देश दिया है। जबकि घोरावल एवं ओबरा में सुबह सात बजे से से शाम पांच बजे तक मतदाता मतदान करेंगे। पुलिस प्रशासन ने नक्सल इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किया है।
पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सादे पोशक में साढ़े छह सौ से पुलिस कर्मी तैनात किए गए है। सीमावर्ती इलाकों में नौ से अधिक मुखबिरों को मतदान स्थलों के आसपास लगाया गया है।
क्षेत्र के थाना प्रभारियों को मुखबिरों के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। जबकि सादे पोशाक में तैनात पुलिसकर्मी भ्रमणशील सीओ समेत अन्य अधिकारियों को रिपोर्ट देते रहेंगे।