संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा इन योगा एवं एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम का संचालन वर्तमान सत्र से होगा। शुक्रवार को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने अपनी स्वीकृति इस शर्त के साथ दी है कि इसे विश्वविद्यालय की परिनियमावली में समाहित कर लिया जाए। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार, एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) एवं ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर होगा।
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि योग में स्नातकोत्तर उत्तीर्ण विद्यार्थी को शोध भी कराया जाएगा। पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर योग शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा। प्रवेश प्रक्रिया इसी शैक्षिक सत्र से शुरू की जाएगी। पाठ्यक्रम का संचालन स्ववित्तपोषित योजना के तहत होगा। प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि एमए हिंदू अध्ययन के पाठ्यक्रम को बीएचयू एवं लालबहादुर शास्त्री केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम हिंदू धर्म के वैशिष्ट्य एवं परंपराओं पर आधारित है। मुख्य रूप से तत्व एवं प्रमाण विमर्श, वाद परंपरा एवं शास्त्रों के अर्थ निर्धारण की पद्धति, भारतीय दर्शन (शास्त्रार्थ), वेदों, पुराणों एवं दर्शन के सार तत्व, पाश्चात्य ज्ञान मीमांसा, रामायण, महाभारत, स्थापत्य, लोकवार्ता, हिंदू कला, नाट्य एवं भाषा विज्ञान, सैन्य विज्ञान, जैन, पाली, फारसी, प्राकृत आदि विषयों को इसमें रखा गया है।