क्लासरूम का आकार है छोटा
कंपोजिट विद्यालय महेशपुर की प्रधानाध्यापक शैल कुमारी ने बताया कि परिषदीय विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती है। एक शिक्षक पर 35 विद्यार्थियों को दाखिला देने का मानक है। इस हिसाब से 12 शिक्षकों वाले विद्यालय में 420 विद्यार्थियों का दाखिला होना चाहिए, लेकिन क्लासरूम का आकार छोटा है।
इस कारण बच्चों के बैठने के लिए जगह नहीं है। प्रधानाध्यापक के मुताबिक, 35 विद्यार्थियों की क्षमता वाले कमरे में 50 से 60 विद्यार्थी बैठाए जा रहे हैं। विद्यालय में आठ कमरे हैं। अतिरिक्त कक्षाकक्ष नहीं है। कक्षाओं को दो सेक्शन में भी नहीं बांट पा रहे हैं। गर्मी में बच्चों को परेशानी हो रही है। इसके बावजूद स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन आ रहे हैं।
बोले अधिकारी
कंपोजिट विद्यालय महेशपुर में पर्याप्त प्रवेश हो चुका है। सरकारी स्कूल विद्यालय की तरफ बच्चों और अभिभावकों का झुकाव सुखद है। - डॉ. अरविंद पाठक, बीएसए
कक्षा एक में 50 एडमिशन
जिले में इस बार परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की संख्या पिछले सत्र के मुकाबले 28 हजार कम हो गई है। पिछली बार जहां दो लाख के आसपास विद्यार्थी थे, वहीं इस बार 1.72 लाख ही रह गए। नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल को कक्षा एक में कम से कम 10 नए बच्चों का प्रवेश लेने का लक्ष्य दिया था। कई विद्यालय यह लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाए।