पीएचडी में शोध प्रवेश में पांच विद्यार्थियों को निष्कासित करने का आदेश जारी हो गया। इसके विरोध में छात्र-छात्राओं का धरना जारी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वह धरना देते रहेंगे। छात्रों ने बताया कि परीक्षा नियंता ने छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से बात करते हुए स्वीकार किया कि इस परिवर्तित परिणाम में छात्रों की ओर से कोई गलती नहीं हुई है।
यही नहीं जो परिवर्तित परिणाम कुलपति के आदेश पर जारी हुआ है उसमें भी भारी गड़बड़ी है। 291 अंक पाकर दो छात्राओं को अनारक्षित वर्ग में रखा गया है वहीं 296 अंक पाकर एक छात्रा को ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत रखा गया है। छात्र इस मनमाने निरस्तीकरण और परिवर्तित वरीयता सूची में सामने आई गड़बड़ी का लगातार विरोध करते हुए धरनास्थल पर बैठे हुए हैं।