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BHU: पीएचडी के पांच छात्रों का दाखिला निरस्त, धरने पर बैठे चार छात्र-छात्राओं की बिगड़ी तबीयत

Thu, 09 Feb 2023 10:50 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 बीएचयू के हिंदी विभाग में पीएचडी के पांच विद्यार्थियों को निष्कासित करने का आदेश जारी हो गया। इसके विरोध में छात्र-छात्राओं का धरना जारी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वह धरना देते रहेंगे।
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बीएचयू अस्पताल में भर्ती छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के हिंदी विभाग में पीएचडी के पांच छात्रों का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। छात्रो को विभाग की ओर से उनके मेल पर दाखिला निरस्त होने की सूचना भी भेज दी गई है। वहीं वरीयता सूची के आधार पर पांच विद्यार्थियों को दाखिले के लिए आमंत्रित किया गया है।

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विश्वविद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में छात्र परीक्षा नियंता कार्यालय के बाहर तीन दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। गुरुवार शाम धरनारत चार छात्र-छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। चारों विद्यार्थियों को सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

इनका दाखिला निरस्त
हिंदी विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार जुलाई 2022 में प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश पाने वाले धीरज कुमार सिंह, अंजली कुमारी, प्रियंका कुमारी, नरपत नारायण रावत, विश्वास त्रिपाठी का प्रवेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। विभाग का कहना है कि उपरोक्त अभ्यर्थियों ने अनियमित तरीके से दाखिले लिए थे। वहीं ज्योत्सना प्रिया, शशि शर्मा, सुमन यादव, रामकरन कुशवाहा और अशोक कुमार को दाखिले के लिए आमंत्रित किया गया है।

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परीक्षा नियंता कार्यालय पर धरना जारी

 पीएचडी में शोध प्रवेश में पांच विद्यार्थियों को निष्कासित करने का आदेश जारी हो गया। इसके विरोध में छात्र-छात्राओं का धरना जारी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वह धरना देते रहेंगे।  छात्रों ने बताया कि परीक्षा नियंता ने छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से बात करते हुए स्वीकार किया कि इस परिवर्तित परिणाम में छात्रों की ओर से कोई गलती नहीं हुई है।

यही नहीं जो परिवर्तित परिणाम कुलपति के आदेश पर जारी हुआ है उसमें भी भारी गड़बड़ी है। 291 अंक पाकर दो छात्राओं को अनारक्षित वर्ग में रखा गया है वहीं 296 अंक पाकर एक छात्रा को ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत रखा गया है। छात्र इस मनमाने निरस्तीकरण और परिवर्तित वरीयता सूची में सामने आई गड़बड़ी का लगातार विरोध करते हुए धरनास्थल पर बैठे हुए हैं।
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