ज्येष्ठ मास में आठ बड़ा मंगल पड़ेंगे। पहला 5 मई, दूसरा 12 मई, तीसरा 19 मई, चौथा 26 मई को पड़ेगा। जबकि 2 जून को पांचवां, 9 जून को छठवां, 16 जून को सातवां और 23 जून को आठवां बड़ा मंगल पड़ेगा। बड़ा मंगल पर हनुमान मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए भीड़ होगी। शहर भर के हनुमान मंदिरों में लोग दर्शन-पूजन के लिए जाएंगे। संस्थाएं जगह-जगह भंडारा लगाएंगी।
ज्येष्ठ मास में वट सावित्री व गंगा दशहरा
ज्येष्ठ मास के दो माह में व्रत व त्योहार पड़ेंगे। प्रमुख रूप से 3 मई को देवर्षि नारद जयंती, 5 को संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, 13 को अपरा एकादशी व्रत, 14 को प्रदोष व्रत, वट सावित्री व्रत (प्रथम संयम), 15 को सावित्री व्रत (द्वितीय संयम), 16 को स्नान-दान-श्राद्धादि की अमावस्या, शनि जयंती, वट सावित्री व्रत (तृतीय संयम), 20 को वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, 23 को श्रीदुर्गा अष्टमी व्रत, 26 को गंगा दशहरा, 27 को कमला एकादशी, 28 को प्रदोष व्रत, 30 को व्रत की पूर्णिमा, 31 को स्नान-दानादि की ज्येष्ठी पूर्णिमा, 3 जून को संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी, 8 को कालाष्टमी एवं श्री शीतलाष्टमी व्रत, 11 को कमला एकादशी, 12 को प्रदोष व्रत, 13 को मास शिवरात्रि व्रत, 14 को श्राद्धादि की अमावस्या, 15 को स्नान-दान-व्रतादि की अमावस्या, 18 को वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी, 22 को श्रीदुर्गा अष्टमी व्रत, धूमावती जयंती, 25 को निर्जला एकादशी, 27 को प्रदोष व्रत और 29 जून को ज्येष्ठी पूर्णिमा पर स्नान-दानादि होगा।