वाराणसी में सोमवार को कदोई चौकी स्थित पुरूषोतम मंदिर में दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़ ।संवाद
भगवान श्रीहरि को समर्पित अधिकमास के अंतिम दिन सोमवार को पंचक्रोशी यात्रा और विष्णु मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ रही। पुरुषोत्तम मंदिर, आदिकेशव और बिंदुमाधव मंदिर में भीड़ रही। खासकर काशी के सिद्ध 24 विष्णु मंदिरों में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। रात तक पुण्यफल की कामना की।
अधिकमास के समापन पर कोदई चौकी स्थित पुरुषोत्तम मंदिर में भोर में रात तक दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। मंदिर के महंत शंकर दीक्षित ने बताया कि मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू हो गया। प्रभु को पंचामृत स्नान कराकर फूलों और आभूषणों से शृंगार हुआ। परंपरानुसार काशी की थाल में 33 मालपुए चढ़ाए गए। भक्तों ने तुलसीदल, स्वर्ण आभूषण चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
पंचगंगा स्थित बिंदु माधव मंदिर में भी रात तक दर्शन के लिए भीड़ रही। महंत मुरलीधर गणेश पटवर्धन के आचार्यत्व में सुबह प्रभु को मंगला आरती के बाद पंचामृत स्नान हुआ। सोमवार होने से प्रभु को सफेद वस्त्र में शृंगार हुआ। आदिकेशव मंदिर राजघाट, गुरु बृहस्पति मंदिर दशाश्वमेध सहित विष्णु मंदिरों में विशेष शृंगार और पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचे थे। अब अधिकमास के समाप्त होने के साथ ही 16 जून से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। मलमास के बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास में मांगलिक कार्य होंगे। गृह प्रवेश, मुंडन आदि अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। जबकि लग्न मुहूर्त 18 जून के बाद बन रहे हैं।
तीन साल बाद चैत्र मास में अधिकमास
ज्येष्ठ मास के बाद अब तीन साल बाद 2029 में अधिकमास चैत्र मास में आएगा। जबकि ज्येष्ठ मास में 11 साल बाद एक बार फिर मलमास आएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अगला अधिकमास 2037 में पड़ेगा। अधिकमास आठ साल बाद ज्येष्ठ मास में लगा था। जबकि पिछला अधिकमास सावन में पड़ा था।