बंदी की मौत के बाद मर्चरी हाउस के बाहर बृहस्पतिवार को तैनात पुलिस।
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हत्या के मामले में जौनपुर जिला जेल में निरुद्ध एक बंदी की बुधवार रात मौत हो गई थी। जेल प्रशासन के मुताबिक वह हार्निया व हाइड्रोसील का लंबे समय से मरीज था। उसका तीन दिन से जेल के अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार रात तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई थी। बंदी की मौत के बाद उसका शव 38 घंटे तक मोर्चरी पर पड़ा रहा। पुलिस ने पिता को जिला मुख्यालय तक आने का खर्चा दिया तो शुक्रवार को मृतक के पिता की मौजूदगी में पंचनामा हुआ। इसके बाद पोस्टमार्टम और फिर रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जेल प्रशासन के अनुसार, पंवारा क्षेत्र के चेतरिया गांव निवासी मुकेश वनवासी (37) 7 जून 2018 से हत्या के मामले में जेल में बंद था। वह हार्निया व हाइड्रोसील का मरीज था। लंबे समय से इलाज करा रहा था। तीन दिनों से वह जेल के अस्पताल में भर्ती था। बुधवार रात हालत अधिक बिगड़ने पर साढ़े नौ बजे जेल कर्मचारी उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उधर, डीएम मनीष कुमार वर्मा द्वारा नामित मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शीतला पुलिस चौकी के इंचार्ज राघवेंद्र बहादुर सिंह को पंचनामा के लिए भेजा। लेकिन, बृहस्पतिवार शाम तक मृतक के परिवार के लोग नहीं आए। ऐसे में शव मोर्चरी में पड़ा रहा।
थानाध्यक्ष पवारा मनोज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी देने के साथ ही मृतक के परिजनों को जिला मुख्यालय तक आने का खर्चा किराया आदि दिया गया। इसके बाद पिता पहुंचे। शीतला चौकियां पुलिस चौकी के इंचार्ज ने बताया कि मृत बंदी के पिता सहदेव शुक्रवार की सुबह आए, जिसके बाद उनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन रामघाट पर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिए।