बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उन रसीदों पर लगी मुहर और हस्ताक्षर नकली हैं। जांच में खुलासा हुआ कि विवेक कुमार का भाई अभिषेक कुमार, जो कि एचडीएफसी बैंक वाराणसी शाखा में क्रेडिट मैनेजर (सीए) है। दोनों ने मिलीभगत कर गबन किया है। दोनों भाई स्वर्वेद महामंदिर परिसर में ही आवास लेकर रहते थे।
एचडीएफसी बैंक के चीफ मैनेजर वैभव त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों को रिश्वत देने की भी कोशिश की थी, जिसका प्रमाण बैंक सर्वर में है। मामला सामने आने के बाद अभिषेक आवास से भाग निकला। सबूत मिटाने के लिए दोनों भाइयों ने मोबाइल फोन को गूगल के माध्यम से फॉर्मेट कर डाला। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।