वाराणसी में बीएचयू के छात्रों ने आक्रोश मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और इसके साथ ही अपनी मांगो पर ध्यान देने की अपील की। छात्रों ने सेंट्रल आफिस से बीएचयू सिंहद्वार तक अपनी आवाज बुलंद की। आपको बता दें कि 19 मांगों को लेकर एबीवीपी संगठन के छात्र 8 दिनों से सेंट्रल ऑफिस का चैनल गेट बंदकर प्रदर्शन कर रहा है।
वाराणसी बीएचयू में एबीवीपी के छात्रों ने आक्रोश मार्च निकाला। करीब 100 छात्रों ने चहल कदमी करते हुए सेंट्रल ऑफिस से लेकर सिंहद्वार तक नारेबाजी की। आज धरने का आठवां दिन था। 19 मांगों को लेकर एबीवीपी संगठन 8 दिनों से सेंट्रल ऑफिस का चैनल गेट बंदकर धरने पर बैठा है।
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पीएचडी एडमिशन से लेकर आईओई फंड में रिसर्च के लिए बांटे गए पैसों को लेकर काफी नाराजगी है। एमफिल डिग्री धारकों को अवसर देने, नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी के साथ हो रहे अन्याय, स्पंदन को पुनः शुरू करने, आईओई धन के दुरूपयोग की जांच हो।
इस धरने के दौरान एक भी बार प्रशासन के किसी भी सक्षम पदाधिकारी ने धरनारत विद्यार्थियों से उनकी मांगो पर संवाद नहीं किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस छात्र विरोधी रवैया के खिलाफ आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने परिसर में आक्रोश मार्च निकाला।
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इस आक्रोश मार्च में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया और मांगो को ले कर अपनी आवाज बुलंद की। प्रशासन की संवादहीनता और अनियमितता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यह आक्रोश मार्च केंद्रीय कार्यालय से विश्वनाथ मंदिर एवं संकाय मार्ग से कुलपति आवास होते हुए महिला महाविद्यालय तिराहे पर समाप्त हुआ।
इस आक्रोश मार्च के दौरान अभाविप काशी प्रांत के प्रांत मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव ही छात्र हितों के लिए कार्य करती है।