बीएचयू के सेंट्रल ऑफिस के बाहर धरना देते एबीवीपी के छात्र।
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बीएचयू के सेंट्रल ऑफिस के बाहर शुक्रवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और सुरक्षा गार्डों में जोरदार धक्कामुक्की हुई। छात्रों ने बीएचयू अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर से लेकर एकेडमिक कार्याें में अनियमितता का आरोप लगाया।
सेंट्रल ऑफिस के गेट का ताला बंद वीसी और अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की जा रही थी। न तो कोई अंदर आ सकता था और न ही बाहर। ड्यूटी खत्म करने के बाद कर्मचारी पीछे के रास्ते से बाहर निकले। 19 मांगों को लेकर छात्र देर रात धरने पर बैठे रहे।
एबीवीपी छात्रों के समर्थन में दूसरे रास्तों से कुछ छात्र आ रहे थे। जब प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गार्डों ने इन्हें ऑफिस की ओर जाने से रोका तो जमकर हंगामा हुआ। छात्रों ने बैरिकेडिंग गिराई और जवानों को जबरन हटाया। इसके बाद दौड़ते हुए छात्र सेंट्रल ऑफिस के गेट तक पहुंचे, जहां उनके साथी प्रदर्शन कर रहे थे।
छात्रों ने कहा कि जब तक बीएचयू प्रशासन की ओर से उनकी 19 मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं दे दिया जाता, तब तक धरना देते रहेंगे। छात्रों ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। अस्पताल में दवाओं और मशीनों की खरीदारी में गड़बड़ियां मिली हैं।
इन मुद्दों पर विरोध
पीएचडी में पहले की तरह से एमफिल धारकों को मौका देना, अस्पताल में छात्रों के लिए ओपीडी का समय बढ़ाना, साइकिल स्टैंड को चालू करना, क्लासेज के बीच लंच के लिए इंटरवल, पब्लिक टायलेट को बढ़ाया जाए, आईओई में खर्च पैसे को सार्वजनिक करना, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, नियुक्त सलाहकारों की जांच, दीक्षांत में छात्रों की उपाधि से श्री-श्रीमती को हटाना आदि।