जनपद का ऐतिहासिक राजकीय इंटर कॉलेज की नींव आजादी से पूर्व 1903 में रखी गई थी, आज बदहाल है। कभी जिले के शिक्षा का सिरमौर रहा यह विद्यालय अब जर्जर भवन, झाड़-झंखाड़ और नशेड़ियों के अड्डे में तब्दील हो चुका है। विडंबना यह है कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के फेर में विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए आया डेढ़ करोड़ रुपया भी वापस चला गया।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिए शासन को नया प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। नशेड़ियों की समस्या पर उन्होंने कहा कि प्राचार्य को इस बाबत लिखित अवगत कराना चाहिए ताकि कार्रवाई की जा सके।