फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: मेडिकल कॉलेज के फेर में 1.5 करोड़, नशेड़ियों का अड्डा बना जीआईसी; परिसर में उगे झाड़ झंखाड़

Thu, 19 Mar 2026 06:04 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: सरकार ने वर्ष 2016 में छत की मरम्मत के लिए 35 लाख रुपये जारी किए थे। उस समय राजकीय इंटर काॅलेज के प्राचार्य अतुल सिंह थे। उनकी ही देखरेख में छत का कार्य कराया गया था।
विज्ञापन
राजकीय इंटर कॉलेज। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

UP News: करीब 17 बीघा में फैले राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) पहले मेडिकल कॉलेज में शामिल करने की योजना बनी थी। इसी कारण 'प्रोजेक्ट अलंकार' के तहत स्वीकृत 1.5 करोड़ की धनराशि शासन ने वापस मंगा ली।

विज्ञापन


बाद में संशोधित प्रस्ताव में विद्यालय को मेडिकल कॉलेज से बाहर कर दिया गया। इससे मरम्मत भी नहीं हुई। वर्तमान में स्थिति यह है कि विद्यालय की छतें टपक रही हैं और प्रयोगशालाएं खंडहर बन चुकी हैं। लापरवाही के चलते विद्यालय का 17 बीघा का परिसर अब 15 बीघा में सिमट गया है। 

बाउंड्रीवाल टूटी होने के कारण अराजक तत्वों और नशेड़ियों ने इसे अपना ठिकाना बना लिया है। डायल-112 की गाड़ी परिसर में खड़ी होने के बावजूद नशेड़ियों पर कोई लगाम नहीं है। कभी संसाधनों से परिपूर्ण रहने वाली प्रयोगशालाओं और छात्रावास में अब कदम रखना भी खतरे से खाली नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जनपद का ऐतिहासिक राजकीय इंटर कॉलेज की नींव आजादी से पूर्व 1903 में रखी गई थी, आज बदहाल है। कभी जिले के शिक्षा का सिरमौर रहा यह विद्यालय अब जर्जर भवन, झाड़-झंखाड़ और नशेड़ियों के अड्डे में तब्दील हो चुका है। विडंबना यह है कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के फेर में विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए आया डेढ़ करोड़ रुपया भी वापस चला गया।

इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिए शासन को नया प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। नशेड़ियों की समस्या पर उन्होंने कहा कि प्राचार्य को इस बाबत लिखित अवगत कराना चाहिए ताकि कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें