काशी में सरकारी स्तर पर आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया लटक गई है। अंतिम तिथि बीत गई लेकिन कार्ड बनाने के लिए किसी ने टेंडर नहीं डाला। इसके चलते पूरे जिले में कहीं भी शिविर नहीं लग सके।
अब दोबारा टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्ड बनने की शुरुआत होने में करीब एक माह का समय लग जाएगा। ऐसे में लाखों लोगों को अभी रसोई गैस की सब्सिडी राशि से वंचित रहना होगा।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने नगर निगम के 90 वार्डों, छावनी के सात वार्डों, रामनगर एवं गंगापुर नगर पालिका और 702 गांवों में लोगों के आधार कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए 15 दिन पहले जिला प्रशासन ने निजी एजेंसियों से टेंडर आमंत्रित किया था।
शुक्रवार को इसकी अंतिम तिथि बीत गई लेकिन एक भी टेंडर नहीं आया। ऐसे में प्रशासन की शिविर लगाने की योजना शुरू ही नहीं हो सकी। जिला प्रशासन का कहना है कि जल्द ही टेंडर की दोबारा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दूसरी ओर, डीबीटीएल के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते रसोई गैस उपभोक्ता परेशान हैं।
एजेंसियों में मारामारी
आधार कार्ड बनवाने के लिए निजी एजेंसियों के दफ्तरों में रसोई गैस उपभोक्तओं की भारी भीड़ जुट रही है। डीबीटीएल के लिए आधार नंबर की अनिवार्यता के चलते यहां मारामारी जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग जा रही हैं।
टेंडर न पड़ने के कारण आधार कार्ड शिविर नहीं लग पाए। अब टेंडर की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लग जाएगा। - आरएम श्रीवास्तव, कमिश्नर