ट्रेन जब फैजाबाद स्टेशन के आगे निकली तो सरोजा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। ट्रेन में कोई डॉक्टर तो नहीं थे, जिसके चलते बोगी में मौजूद कुछ महिलाएं आगे आई और प्रसव पीड़ा से तड़प रही सरोज के प्रसव के लिए मदद करने लगी। कुछ ही देर में सरोजा ने नन्ही बच्ची को जन्म दिया। चलती ट्रेन में बच्ची के सकुशल जन्म होने पर बोगी में सवार सभी लोगों में खुशी व्याप्त हो गई।
लोगों ने आगे बढ़ कर सरोजा के पति सुभाष राम को बधाईयां दी। सरायमीर स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर जब एसडीएम निजामाबाद को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल डॉक्टर को बुला कर प्रसूता व नवजात की जांच कराई। जांच में दोनों पूरी तरह से स्वस्थ्य व नार्मल मिले।
इसके बाद एंबुलेंस बुला कर प्रसूता व नवजात को अंबेडकरनगर स्थित उसके घर के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं सुभाष ने कहा कि इस कोरोना काल में बेटी के रूप में लक्ष्मी आई है। इसलिए वह इसका नाम कोरोना देवी रखेगा। सुभाष को पहले से एक पुत्र व एक पुत्री है।