वाराणसी के छावनी क्षेत्र के सदर बाजार स्थित सद्भावना पार्क में लगा जर्जर शिलापट्ट गिरने से मंगलवार रात दो साल के बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि बच्चे के परिजनों को छावनी क्षेत्र स्थित अस्पताल में रात्रिकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया गया था। परिजनों ने बच्चे का शव गंगा में प्रवाहित कर दिया।
गाजीपुर के सैदपुर बाजार निवासी सुनील हलवाई अपनी पत्नी आरती और तीन बच्चों के साथ बुधवार रात छावनी क्षेत्र स्थित हजरत बाबा बहादुर शहीद की मजार पर तरक्की की दुआ मांगने आए थे। सुनील परिवार के साथ सद्भावना पार्क में सो गए।
बताया जाता है कि रात करीब एक बजे पार्क में लगा जर्जर शिलापट्ट गिर गया और सुनील का सबसे छोटा बेटा आरव (2) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे लेकर सुनील छावनी क्षेत्र स्थित अस्पताल पहुंचे तो वहां उसका उपचार नहीं हो सका।
उपचार के लिए बच्चे को लेकर वह मंडलीय अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। रोते-बिलखते मां-बाप ने बच्चे को मणिकर्णिका घाट पर गंगा में प्रवाहित कर दिया। हादसे की सूचना पाकर गुरुवार को छावनी क्षेत्र के कर्मचारी और कैंट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची थी।