विधान सभा चुनाव के मद्देनजर संदिग्धों की तलाश तेज हो गई है। इसके लिए सोनभद्र जिले में लगने वाले अंतरराज्यीय सीमाओं पर बैरियर लगाये गए हैं। बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की पुलिस यूपी पुलिस के साथ साझा अभियान चला रही है। इन राज्यों से होकर आने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है।
यूपी के वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस सतर्क है। बार्डर पर किसी तरह की नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बार्डर पुलिस के साथ यूपी पुलिस ने साझा अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
इसको लेकर पिछले दिनों चुर्क पुलिस लाइन में आईजी वाराणसी एसके भगत की अगुवाई में संयुक्त बैठक भी हो चुकी है।
सोनभद्र जिले में बीजपुर थाना क्षेत्र में सिरसोती, महुली, बभनी थाना के आसनडीह, अहिरगुड़वा, शीशटोला, विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के थाना गेट, मुड़ीसेमर, मेदनीखाड़, कोन थाना इलाके में पोखरिया, डोमा, नैकहां, बोदार, बागेसोती, सिंगा में बैरियर लगाए गए हैं।
यह भी क्षेत्र मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार की सीमा के बलसोत, चरचरी, धनवार, त्रिशुली, केसारी, विलासपुर, मकरी, चैनपुर, डुमरखोहा, राजी, खोखा, खरौंधी, गरबांध और कौशली बहार गांव से सटे हैं जो अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र घोषित हैं।
इसी तरह जिले के मांची थाना के सूअरसोत चौकी के सामने, घोरावल के बर्दिया, अनपरा के दुल्लापाथर, शक्तिनगर के दुद्धीचुआं और तेलगवां पुलिया, जुगैल थाना के भरहरि, नेवारी, बेलगढ़ी, ओबरा के कनहरा बारी और रायपुर थाना क्षेत्र के सरईगाढ़, तेनुआ व दरमा गांव में बैरियर लगाए गए हैं।
जहां प्रशासन ने बैरियर लगाए हैं इसमें ज्यादातर गांव नक्सल प्रभावित हैं। अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल डा. अवधेश सिंह का कहना है कि बार्डर पर 26 स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं।
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