अन्नपूर्णा नगर कालोनी से हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन सोसाइटी की ओर से निकली शोभायात्रा में शाम
वाराणसी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर छह दिवसीय उत्सव बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। गाजेबाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। देव विग्रहों की झांकियों के साथ भारत माता की झांकी और देश का तिरंगा लहरा रहा था। भजन-कीर्तन व सत्संग से भगवान श्रीकृष्ण को रिझाया गया तो इस्कॉन मंदिर में भागवत कथा शुरू हुई।
हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के पहले दिन अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी (विद्यापीठ के सामने) से भगवान श्रीकृष्ण और श्रीलड्डू गोपाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होकर माहेश्वरी भवन, महमूरगंज पहुंची, जहां आरती के बाद श्रीराधा गोविन्द देव, श्रीजगन्नाथ देव, श्रीवलदेव एवं सुभद्रा महारानी के श्रीविग्रह स्थापित किए गए।
शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी ने किया श्रीराधा माधव का षोडशोपचार पूजन
श्रीमणि मंदिर (धर्मसंघ शिक्षा मंडल, दुर्गाकुंड) में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय महोत्सव के पहले दिन मंदिर के मुख्य मंडप में स्थापित श्रीराम दरबार, श्रीराधा माधव, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अन्नपूर्णा मंदिर सहित अन्य विग्रहों का शृंगार हुआ। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में वैदिक आचार्यों ने प्रभु श्रीकृष्ण का षोडशोपचार विधि से पूजन किया।
गोपाल मंदिर में षष्ठी उत्सव
षष्ठपीठ गोपाल मंदिर, चौखंभा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के एक दिन पूर्व षष्ठी यानी छठी मनाई गई। षष्ठपीठाधीवर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज के सानिध्य में वैष्णवजन उत्सव में शामिल होकर ठाकुर जी के दर्शन व सेवा की। शयन की आरती व दर्शन के लिए भीड़ रही। राधारानी को भोग-राग लगाया गया। अष्टछाप के कवियों के पद ठाकुर जी को सुनाए गए। शुक्रवार को सुबह और रात में पंचामृत अभिषेक होगा।