सरकारी स्कूलों में मिलने वाला मिड डे मील हर बच्चों का अधिकार है। लेकिन प्राथमिक स्कूल मचखानी के बच्चे मिड डे मील से वंचित हो सकते हैं। इसके पीछे का कारण ग्राम प्रधान की मनमानी है। प्रधान कमीशन के चक्कर में मिड डे मील के चेक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा।
इस कारण पिछले नौ माह से अपने वेतन से मिड डे मील बनवा रहे प्रधानाध्यापक ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। मिड डे मील की धनराशि नहीं मिलने से प्रधानाध्यापक परेशान है। इस बात से परेशान प्रधानाध्यापक आलोक मौर्य ने अब मुख्यमंत्री योगी को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। जिससे सरकारी अमले में खलबली मच गई है।
प्राथमिक विघालय मचखानी में करीब नौ माह से प्रधान के मनमानी रवैये से प्धानध्यापक आलोक मौर्य अपने वेतन से एमडीएम बनवा रहे हैं। उन्होंने भुगतान के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, बीएसए सहित जिलाधिकारी तक गुहार लगाई। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा एमडीएम बनवाने के लिए दबाव तो बनाया जा रहा था लेकिन भुगतान आज तक नहीं कराया गया। भुगतान नहीं होने से परेशान शिक्षक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
थक हारकर परेशान प्रधानाध्यापक ने मुख्यमंत्री योगी को पत्रक भेजकर कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापक का आरोप है कि प्रधान द्वारा मुझसे हर महीने कमीशन मांगा जाता है, नही देने पर वह चेक पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं। जिसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी जा चुकी है।
मामले में खंड शिक्षा अधिकारी मनोज यादव ने कहा कि प्रधान द्वारा एमडीएम के चेक पर हस्ताक्षर करने का मामला प्रकाश में आया है, प्रधान को हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है। साथ ही प्रधान द्वारा एमडीएम चेक पर हस्ताक्षर नहीं करने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है, जिससे एमडीएम चेक पर हस्ताक्षर और प्रधान पर कार्रवाई हो सके।