दिलदारनगर उप स्वास्थ्य केंद्र का मामला
गाजीपुर जिले के दिलदारनगर बाजार स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला बुधवार को चेकअप कराने पहुंची।
वहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी ने उसे बिना चेकअप किए वापस लौटा दिया।
जबकि महिला का पति जांच करने के लिए काफी निवेदन करता रहा। घर लौटते समय महिला रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर ही एक बच्ची को जन्म दिया।
जीआरपी ने महिला को 102 नंबर की एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजवाया, जहां जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
दिलदारनगर थाना क्षेत्र के उसिया दलित बस्ती निवासी सिकंदर की पत्नी तारा देवी (40) गर्भवती थी।
बुधवार की सुबह करीब पत्नी को हल्का दर्द हुआ। उसे लेकर सिकंदर दिलदारनगर बाजार स्थित सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, वहां मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मी ने चेकअप करने के बजाय वहां से वापस लौटा दिया।
प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला पति के साथ निराश होकर घर लौट रही थी।
ट्रेन पकड़ने के लिए वह रेलवे स्टेशन पहुंची ही थी कि प्लेटफार्म नंबर एक पर उसे तेज दर्द होने लगा।
दर्द से परेशान गर्भवती महिला पर नजर पड़ते ही वहां मौजूद अन्य महिलाएं उसके पास पहुंच गई।
महिलाओं ने चादर का घेरा बनाया। तब किसी तरह महिला ने बच्ची को जन्म दिया।
जीआरपी प्रभारी अतुल कुमार पांडेय ने 102 नंबर की एंबुलेंस को तत्काल फोन किया। फिर उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया।