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जवान बृजेंद्र बहादुर सिंह के नाम पर बनाया जायेगा मेमोरियल : मंत्री श्रीकांत शर्मा

Sat, 16 Sep 2017 03:28 PM IST
amarujala.com- presented by: आनंद
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जम्मू के अरनिया सेक्टर में सीजफायर में शहीद जवान बृजेंद्र बहादुर सिंह को  नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री और बलिया जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस मौके पर कहा कि शहीद के सम्मान के प्रति सरकार संवेदनशील है।
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उनके समान में उनके पैतृक गांव नरायणपुर  में  प्रवेश द्वार का निर्माण होगा। इसके अलावा गांव में स्कूल के सामने ग्रामसभा की जमीन पर 'शहीद बृजेंद्र  बहादुर सिंह खेल मैदान' व भव्य शहीद स्मारक का निर्माण होगा।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शहीद के परिवार के लिए 25 लाख रूपये के चेक दिये। इसमें पत्नी के नाम 20 लाख व पिता के नाम 5 लाख के चेक दिये गये। मंत्री ने पिता को चेक सौंपा जबकि सांसद रविन्द्र कुशवाहा व जिलाधिकारी ने पत्नी को चेक दिया।
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पत्नी का बैंक में खाता खुलवाने के लिए उर्जा मंत्री ने जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम को निर्देश दिया कि अपनी देखरेख में खाता खुलवा कर उसमें चेक डलवाएं। सांसद व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हमेशा सहयोग के आगे रहने को कहा।

शहीद हुए बृजेंद्र बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले थे। गुरुवार रात को पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लघंन किया गया। इस दौरान बहादुर शहीद हो गए।

 शहीद की खबर सुनते ही उनके गांव नारायणपुर में सन्नाटा छाया रहा।  गांव और आसपास के लोगों का सुबह से ही घर पर तांता लगा रहा।  बृजेंद्र की पत्नी सुष्मिता और माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था।

बृजेंद्र के दो बेटे 7 वर्षीय भूपेंद्र और 3 वर्षीय संत राम हैं। मां और दादा-दादी को रोते देख वह भी रोए जा रहे थे। ढांढस बंधाने आए लोगों को भी सूझ नहीं रहा था कि परिवार वालों को क्या कह कर सांत्वना दें।  
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बृजेंद्र के शहीद होने की सूचना परिवार वालों को फोन से मिली

क्षेत्र के विद्याभवन नारायणपुर निवासी अशोक कुमार सिंह के तीन बच्चों में दो पुत्रियां प्रीति व प्रियंका और एक मात्र पुत्र बृजेंद्र बहादुर थे। बृजेंद्र की शादी बलिया के मिढ़ा निवासी हरिशंकर सिंह की पुत्री सुष्मिता से 2009 में हुई थी। शुक्रवार की सुबह बृजेंद्र के शहीद होने की सूचना परिवार वालों को फोन से मिली। खबर पाकर जो जहां था, वही से शहीद जवान के घर की ओर चल पड़ा।

शहादत की सूचना आने के बाद गांव की दूकानें और क्षेत्र के विद्यालय बंद हो गए। शोक में तहसील के अधिवक्ता भी कार्य से विरत रहे। बृजेंद्र अंतिम बार दो महीने पहले घर से छुट्टी बिताकर जोधपुर गया था, जहां से उसकी नई पोस्टिंग जम्मू के अरनिया सेक्टर में हुई थी।  घर परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे लोगों का कहना है कि पाकिस्तान ने सीज फायर का उल्लंघन कर जो दुस्साहस किया है, उसका मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।  
 
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