यूपी के सोनभद्र में जाम में फंसने के कारण एक और जान चली गई। ओवरलोड गिट्टी-बालू लदे ट्रकों की जांच होने से लगे जाम के कारण घायल को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। जिससे उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। बता दें कि इस सप्ताह में जाम में फंसने से दो घायलों की मौत हो चुकी है।
जिले के कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव में राजमार्ग पर मंगलवार की रात ओवरलोड गिट्टी-बालू लदे ट्रकों की जांच होने से मारकुंडी घाटी में जाम लग गया।
जाम में घंटे पर भर एक घायल का वाहन फंसा रहा। समय से इलाज न होने से घायल किशुन (46) की मौत हो गई। जिला अस्पताल से घरवाले शव को बगैर पीएम कराए लेकर चले गए।
मंगलवार को जिले से सटे झारखंड के नगर ऊटारी क्षेत्र में अज्ञात वाहन के धक्के से बाइक सवार पलामू जिले के झिकुही गांव निवासी किशुन घायल हो गया। नगर ऊटारी के निजी अस्पताल से रेफर होने के बाद घरवाले घायल को बीएचयू वाराणसी ले जा रहे थे।
रात भर तड़पता रहा मरीज
रोड जाम
- फोटो : demo pic
घायल किशुन को वाहन रात करीब दो बजे मारकुंडी घाटी पहुंचा, जहां नए मार्ग पर जाम लगने के कारण लगभग एक घंटे तक वाहन जाम में ही फंसा रहा और घायल की सांस थम गई। परिवारीजन भोर लगभग तीन बजे उसे लेकर जिला अस्पताल लोढ़ी पहुंचे।
यहां स्वास्थ्य कर्मियों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई संतोष का आरोप था कि जाम में वाहन के फंसने से समय से उपचार नहीं हुआ और उसके भाई की मौत हो गई।
उधर सात दिन पूर्व विंढमगंज थाना क्षेत्र के छतरपुर गांव निवासी राममिलन (25) शाम बाइक से किसी काम से दुद्धी आया हुआ था। देर शाम सात बजे के करीब वह वापस हो रहा था। वह जैसे ही बघाड़ू पहुंचा, बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई।
दुद्धी सीएचसी से डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब नौ बजे मारकुंडी में लगे जाम में घंटे भर वाहन के फंसने से राममिलन की भी मौत हो गई थी। एसपी आरपी सिंह ने कहा कि जाम में फंसने से किसी के मौत होने की जानकारी नहीं है।