झांसी के पारीछा, बारा, इलाहाबाद और ललितपुर स्थित बिजली उत्पादन इकाइयों के ठप पड़ने के चलते एक दिन बाद फिर से गुरुवार को पूर्वांचल में बिजली संकट गहरा गया। लखनऊ कंट्रोल के निर्देश पर तीन चरणों में छह घंटे बिजली कटी। लोकल फाल्ट मिलाकर तकरीबन आठ से 10 घंटे बिजली गुल रही। इसके चलते उद्योग-धंधे प्रभावित हुए। लोगों की सामान्य दिनचर्या पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। गुरुवार सुबह से देर रात तक बिजली की आवाजाही जारी रही। वहीं, देर रात 12ः30 बजे डीपीएच से फिर कटौती की गई, जिससे करीब दो घंटे तक आधे शहर की बिजली गुल रही।
पारेषण के अधिकारियों के मुताबिक कुल मिलाकर चार-पांच घंटे बिजली गुल रही। अधिकारियों के अनुसार दूसरे जिलों की आपूर्ति बंद करके स्थिति संभालने का प्रयास किया गया लेकिन उत्पादन की तुलना में मांग काफी अधिक होने से अंतिम में बनारस, आजमगढ़, इलाहाबाद की बिजली काटी गई। इसके बाद जब आपूर्ति बहाल हुई तो फीडरों पर लोड बढ़ने से लोकल फाल्ट का सिलसिला शुरू हो गया। कैंट से डीपीएच फीडर भोर में 4:35 से 10:35 बजे तक बंद रही। इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर, मंडुवाडीह में आठ से दस घंटे बिजली कटी रही। यही नहीं मैदागिन, वरुणा पार, पांडेयपुर, कचहरी, लंका, भेलूपुर, करौंदी, डाफी, भिखारीपुर, भेलूपुर, अस्सी, गोदौलिया, बेनियाबाग सहित शहर के अन्य हिस्सों में दिन भर बिजली की आवाजाही लगी रही। जलकल के सचिव आरएस सक्सेना ने बताया कि बिजली आने पर आपूर्ति बहाल की गई।