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सियासी रंगः आजमगढ़ में अर्थी पर बैठ कर नामांकन भरने पहुंचा प्रत्याशी, आखिर क्यों

Wed, 15 Feb 2017 05:20 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/आजमगढ़
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प्रत्याशी गोपाल निषाद - फोटो : अमर उजाला
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 चुनाव आते ही प्रत्याशियों के नए-नए रूप देखने को मिल रहे हैं। सोमवार को भी एक ऐसा ही नजारा आजमगढ़ में  देखने को मिला। जब सगड़ी विधानसभा क्षेत्र से घोषित पूर्व भाजपा प्रत्याशी गोपाल निषाद नामांकन करने पहुुंचे। अर्थी पर बैठे गोपाल निषाद रोटियों की माला पहने और हाथों में कटोरा लिए थे जिससे वह आकर्षण का केंद्र बने हुए थे।
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बताते चलें कि फूलन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल निषाद को सगड़ी का भाजपा प्रत्याशी घोषित किया गया था लेकिन रविवार को पार्टी ने गोपाल निषाद के स्थान पर देवेंद्र सिंह को सगड़ी से प्रत्याशी बनाया।

इससे नाराज गोपाल समर्थकों ने रविवार को सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के महुला और जीयनपुर राजनाथ और केशव प्रसाद मौर्य का पुतला फूंका।

वहीं, सोमवार को गोपाल निषाद सैकड़ों समर्थकों के साथ अर्थी और कफन के साथ रोटी की माला पहने और हाथों में कटोरा लेकर जुलूस की शक्ल में नामांकन करने पहुंचे। नामांकन के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए गोपाल निषाद ने कहा कि हमारे साथ धोखा हुआ है।
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सगड़ी से बसपा प्रत्याशी वंदना सिंह को जीत दिलाने के लिए उनके टिकट को काटा गया है।

लेकिन अब वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। वह जनता से एक वोट और 10 की नोट मांगकर चुनाव लड़ेंगे।
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नामांकन जुलूसों में उड़ी आचार संहिता की धज्जियां

विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन करने आए कई प्रत्याशियों के जुलूस में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। जुलूस में शामिल प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी पार्टियों की टोपी लगाए और हाथों में झंडा लिए नारेबाजी करते चल रहे थे।

प्रत्याशियों के जुलूस में उमड़ी भीड़ से पुलिस प्रशासन की तैयारियां भी बौनी नजर आईं। हालांकि प्रत्याशियों के समर्थकों को बैरिकेडिंग के पास ही रोक दिया गया।  सपा, बसपा और भाजपा के साथ ही कई क्षेत्रीय दलों और निर्दल प्रत्याशियों ने सोमवार को नामांकन किया।

नामांकन के दौरान प्रत्याशी अपने-अपने अड्डे से समर्थकों के काफिले के साथ नामांकन के लिए निकले। प्रत्याशियों का जुलूस इतना लंबा था कि जिधर से भी गुजरा उधर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

पुलिस अधिकारियों की तत्परता के बाद भी कई ऐसे लोग बैरिकेडिंग पारकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए जिनका नामांकन सेकोई संबंध नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने मीडियाकर्मियों को भी कलेक्ट्रेट परिसर जाने से रोका। 
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