गरमी बढ़ने के साथ ही पूर्वांचल में अगलगी की घटनाओं में अचानक से तेजी आ गई है। मंगलवार को भदोही जिले के चार अलग-अलग स्थानों पर हुई अगलगी की घटना ने काफी तबाही मचाई। कई बीघे की गेहूं की फसल जहां जलकर नष्ट हो गई, वहीं छप्पर में बंधी एक भैंस गंभीर रूप से झुलस जाने से मर गई।
उसके साथ बंधी बछिया भी झुलस गई। यह दृश्य एक बालक देख नहीं सका और सदमे के कारण उसकी मौत हो गई। औराई थानाक्षेत्र के गोरीडीह नेवढ़िया गांव में मंगलवार को महेंद्र सिंह के छप्पर में लगी आग को बुझाते समय पशुओं को तड़पते देख बेहोश हुए किशोर की सदमें से मौत हो गई।
बताते हैं कि छप्पर में लगी आग से भैंस मर गई। बछिया और दो महिलाएं झुलस गईं। मौके पर पहुंचे पड़ोसी श्यामजी बिंद का पुत्र रामजी बिंद (12) भी बाल्टी से पानी लाकर आग बुझाने लगा। इस दौरान झुलसे पशुओं को तड़पते देखकर रामजी बेहोश हो गया। उसे आनन-फानन में सीएचसी औराई में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर रेफर कर दिया गया। वाराणसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। मृतक पांच भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
आग की सूचना पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंची और आग को काबू किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इसके अलावा ऊंज थानाक्षेत्र के खरगापुर गांव में विद्युत शार्ट शर्किट से लगी आग से एक लाख रुपये से अधिक का टेंट का सामान जल गया।
कठारी संवाददाता के अनुसार, औराई थानाक्षेत्र के दलपतपुर गांव में मंगलवार की सुबह गेहूं खेत में संदिग्ध हाल में लगी आग से चार बीघे फसल जलकर नष्ट हो गई। सूचना पाकर औराई से दमकल विभाग के लोग भी पहुंच गए, लेकिन तब तक फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी। दमकल ने आस-पास के फसलों को जलने से बचाया।
ज्ञानपुर क्षेत्र के चक बेसहूं गांव में भी गेहूं खेत में आग लगने से पांच बिस्वा फसल जलकर नष्ट हो गई। सूचना पाकर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने आग को काबू किया। मौके पर ग्रामीणों ने भी काबू करने में साथ दिया।