वाराणसी। साथी की पिटाई करने वाले अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने बुधवार को परिसर स्थित कार्यालयों में कामकाज ठप कराने के साथ ही ताला बंद करा दिया। यहां तक की रजिस्ट्री कार्यालय भी बंद करा दिया। इससे रजिस्ट्री का काम ठप रहा। उधर, देर शाम आरोपी वकील के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ज्ञात हो कि जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी को मंगलवार को एक अधिवक्ता ने पीट दिया था। इसके गुस्साए कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
उत्तर प्रदेशीय मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को कर्मचारियों ने पहले सभी एडीएम, एसीएम व एसडीएम सदर के कार्यालयों में कार्य बहिष्कार कर ताला बंद कराया। सभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में ताला बंद होने से अपना काम कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, मार्च का महीना होने से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में भी काफी भीड़ थी। कलेक्ट्रेटकर्मियों ने यहां पहुंचकर भी ताला बंद करा दिया। बाद में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष हुए धरने में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार की घटना शासकीय कार्य के दौरान घटी। कार्य के दौरान अभिलेखों व कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। ऐसे में कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का दायित्व भी जिला प्रशासन का है। वक्ताओं ने जिला प्रशासन को आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए 24 घंटे की मोहलत दी। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में अधिवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी प्रति संघ को नहीं उपलब्ध कराई गई तो कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ अन्य विभागों के संगठनों को भी आंदोलन में शामिल करने की कोशिश शुरू कर देगा। धरने को अरविंद पांडेय, काशीनाथ, विजय यादव, रामबृज, संतोष श्रीवास्तव, प्रेम शंकर, अशोक सिंह, दिनेश सिंह, महिमा दत्त द्विवेदी, डीएन तिवारी आदि ने संबोधित किया।
प्वाइंटर
70-80 लाख रुपये राजस्व की क्षति हुई रजिस्ट्री कार्य ठप होने से
120-125 रजिस्ट्री रोजाना हो रही है मार्च के महीने में