वाराणसी। राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का अभाव देश की सुरक्षा, स्वतंत्रता और अखंडता के लिए भारी खतरा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समन्वित योजना बनाई जानी चाहिए। यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार का। वे गुरुवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ सभागार में स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह समिति की ओर से आयोजित ‘भारतीय सीमा और सुरक्षा’ विषयक संगोष्ठी में विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 1992 व 1994 में संसद में पारित संकल्प को याद रखते हुए सरकार चीन व पाकिस्तान के कब्जे से भारतीय भूभाग को खाली करवाने की योजना बनाकर कार्रवाई करे। अध्यक्षता करते हुए रिटायर्ड कर्नल लालजी चौबे ने कहा कि आज सेना में धर्म के आधार पर आरक्षण की बात चल रही है। यह देश की एकता के लिए खतरनाक है। इस मौके पर ‘सरहद को प्रणाम’ अध्ययन दल के 18 सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। इसमें सुरेंद्र, प्रभाकर, विद्यासागर, प्रेम, पंकज, श्रीप्रकाश, राजेंद्र, विद्याभूषण, नंदलाल, रवि, कैलाश, मनीष, आकाश, देवनाथ, रितेश, नीतिश, अमित और सौरभ शामिल थे। डा. रामदुलार सिंह, डा. रजनीश शुक्ल, राजेश रंजन, डा. हरेंद्र कुमार, डा. आद्या प्रसाद, वीणा पांडेय, अरुण, गिरीश, रत्नाकर, नागेंद्र, अजीत उपाध्याय, आशीष, दीपक आदि मौजूद रहे। संचालन डा. अवधेंद्र प्रताप सिंह और धन्यवाद ज्ञापन छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने किया।