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दो बैंकों से 29 हजार रुपये ले उड़े उचक्के

Wed, 05 Dec 2012 05:30 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। सिगरा के दो बैंकों से मंगलवार को उचक्के करीब 29 हजार दो सौ रुपये ले उड़े। हालांकि पुलिस को एक उचक्के का मोबाइल और फुटेज से उसकी तस्वीर मिल गई है। एसपी सिटी का कहना है कि उचक्के जल्द गिरफ्त में होंगे। घटनाओं में शामिल तीनों उचक्कों की उम्र 30 साल है।
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चौक निवासी रितेश सोनी की चौक में ही सोनी ज्वेलर्स नाम से आभूषण की दुकान है। भोजूबीर निवासी संतोष वहां काम करता है। मंगलवार की दोपहर रितेश ने संतोष को रथयात्रा के एचडीएफसी बैंक में जमा करने के लिए तीन लाख रुपये दिए। बैंक में रुपये गिनने के दौरान ही संतोष के पास एक उचक्का पहुंचा और एक लाख की एक गड्डी लेकर बाहर भागा। संतोष भी उसके पीछे भागा। गेट के बाहर लोगों ने उचक्के को पकड़ लिया। खुद को फंसता देख उचक्के ने रुपये की गड्डी सड़क पर फेंक दी। लोग रुपये उठाने में लग गए और इस बीच वह भाग निकला। छीनाझपटी में उसका मोबाइल गिर गया। बाद में नोट गिनने पर पता चला कि गड्डी में 16 हजार दो सौ रुपये कम थे।
दूसरी घटना फातमान रोड स्थित एसबीआई बैंक की है। यहां लल्लापुरा निवासी वैद्य वेद प्रकाश (59) 39 हजार रुपये जमा करने गए थे। बैंक में उन्हें दो उचक्के मिले। दोनों ने उनसे कहा कि अब फार्म में नोटों का सीरियल नंबर भी भरा जा रहा है। मदद करने के लिए दोनों रुपये लेकर सीरियल नंबर चढ़ाने लगे। कुछ ही देर में वेद प्रकाश उनसे रुपये मांगने लगे। ऐसे में दोनों उचक्कों ने रुपये वेद प्रकाश की जेब में डाल दिए, जबकि दो नोट नीचे गिर गए। वेद नोट उठाने झुके , इसी बीच उचक्के भाग निकले। बाद में पता चला कि 39 हजार में से 13 हजार उचक्कों ने उड़ा दिए थे। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी संतोष सिंह ने संतोष और बैंककर्मियों से पूछताछ की। उनका कहना है एक उचक्के का मोबाइल बरामद हुआ है। इसमें दूसरे प्रदेश से सिम लिया गया है। नागपुर में ज्यादा बात हुई है। इससे जाहिर होता है कि दूसरे प्रदेश का गिरोह यहां काम कर रहा है।
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इन्सेट
शहर में उचक्कों का डेरा
वाराणसी। शहर में उचक्कों ने डेरा डाल दिया है। वे एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस कुछ नहीं कर पा रही। उचक्के चार स्थानों पर महिलाओं के गहने लेकर रफूचक्कर हो चुके हैं। पूर्व में भी फातमान और रथयात्रा स्थित बैंक के बाहर छिनैती और उचक्काकिगरी की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने छिनैती में बिहार के कटिहार गैंग से जुड़े प्रकाश यादव और राजेश यादव को पकड़ा था। राजेश फर्जी जमानत पर जेल से छूट गया था। चर्चा यह भी है कि कटिहार गैंग ट्रेंड बदलकर काम करने लगा है। कई अन्य गिरोहों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
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