वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में इस बार विश्वविद्यालय तथा संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाएं साथ-साथ होंगी। परीक्षाएं पहली मार्च से शुरू होंगी। 15 जून तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे ताकि पहली जुलाई से सत्र शुरू किया जा सके। यह फैसला वाइसचांसलर प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में किया गया।
बैठक में परीक्षा आवेदन पत्र वितरित करने के लिए पांच से दस जनवरी तक का समय निर्धारित किया गया। इस दौरान संस्थागत तथा व्यक्तिगत दोनों परीक्षार्थियों को फार्म बांटे जाएंगे। परीक्षा आवेदन पत्र महाविद्यालयों की ओर से प्रवेश नामावली के अनुसार पूर्ण रूप से भरकर विश्वविद्यालय को भेजे जाएंगे। यदि फार्म अपूर्ण होंगे तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि परीक्षा फार्म के साथ मध्यमा, पूर्व मध्यमा एवं उत्तर मध्यमा का अंक पत्र लगा हो और विश्वविद्यालय की जांच में फर्जी सिद्ध होता है तो संबंधित प्राचार्य के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2013 की व्यक्तिगत परीक्षा के संबंध में परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि ऐसे समस्त संबद्ध संस्कृत महाविद्यालयों को परीक्षा आवेदन पत्र अग्रसारित करने की अनुमति दी जाएगी जिनके पास पर्याप्त व्यवस्था होगी। ताकि वे अपने संस्थागत छात्रों के साथ-साथ व्यक्तिगत छात्रों की परीक्षा भी संपन्न करा सकें। महाविद्यालय उतने ही व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा फार्म अग्रसारित करेंगे जितने की व्यवस्था उनके पास होगी।
परीक्षा समिति ने यह भी फैसला किया कि वर्ष 2010 की परीक्षा में जिन व्यक्तिगत एवं संस्थागत संस्थागत छात्रों का परीक्षाफल रुक गया है लेकिन वे परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, ऐसे छात्रों की सूची संबंधित प्राचार्य 15 दिसंबर तक अनुक्रमांक के साथ विश्वविद्यालय में जमा कर दें। यह भी तय किया गया कि वर्ष 2013 की परीक्षा में मूल्यांकन के बाद परीक्षकों को मूल्यांकन स्थल पर ही पारिश्रमिक का भुगतान कर दिया जाएगा। बैठक में प्रो. यदुनाथ प्रसाद दुबे, प्रो. सदानंद शुक्ल, प्रो. गंगाधर पंडा, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, लालजी मिश्र, रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी, उप कुलसचिव परीक्षा महेंद्र कुमार उपस्थित थे।