वाराणसी। कचहरी में सिविल एवं कलक्ट्रेट परिसर में 23 नवंबर, 2007 को हुए बम ब्लास्ट की पांचवीं बरसी शुक्रवार को मनाई जाएगी। सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में तय किया गया कि आतंकी धमाके में मारे गए तीन अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विस्फोट स्थल पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे और मृतकों के प्रति शोक संवेदना जताई जाएगी। इस दौरान पूरे दिन अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
कचहरी ब्लास्ट के पीडि़तों को अब तक न्याय न मिलने से अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश है। घटना के बाद सतर्कता बरते जाने के निर्णय पर भी अमल नहीं हो सका। आज भी सभी गेट पर लगे मेटल डिटेक्टर खराब पड़े हैं। आतंकियों ने ब्लास्ट के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया था इसके बावजूद साइकिल, मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों का प्रवेश कलक्ट्रेट में बेरोक-टोक हो रहा है जबकि सिविल कोर्ट परिसर में प्रवेश पर सख्ती है। घटना के बाद सभी प्रवेश द्वारों पर सीसी कैमरे और बैरियर लगाकर चेकिंग करने की योजना बनाई गई थी। यह बात भी हवा-हवाई ही साबित हुई। अधिवक्ताओं का मानना है कि बम ब्लास्ट का दंश झेलने के बाद भी प्रशासन नहीं चेता और पुराने ढर्रे पर ही काम हो रहा है। कचहरी में सुरक्षा को लेकर जो खामियां हैं उन्हें दूर करने की बजाय सब कुछ रामभरोसे छोड़ दिया गया है।