सेवापुरी। कपसेठी के श्रीरामपुर (सियरहा) में शुक्रवार की रात बदमाशों ने व्यवसायी राम दुलार सिंह (50) को घर के सामने गोलियों से छलनी कर लिया। अस्पताल लेकर आते समय उसकी मौत हो गई। घटना के समय मौजूद रामदुलार की भाभी ने गांव के दो शूटरों को पहचान लिया। पुलिस ने मौके से प्रतिबंधित बोर का खोखा बरामद किया। छानबीन से पता चला कि घटना का शिकार व्यवसायी गांव की युवती के अपहरण की साजिश के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। वह 20 दिन पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था।
श्रीरामपुर (सियरहा) निवासी राम दुलार सिंह (50) अपने पुत्र रवि सिंह के साथ मुंबई सेंट्रल में किराना का दुकानदार है। शुक्रवार की रात वह रोड पर स्थित अपने घर के सामने टहल रहा था। इस बीच बाइक सवार तीन बदमाश वहां आकर रुके। बदमाशों ने राम दुलार को लक्ष्य कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सीने में तीन गोली लगने पर व्यवसायी लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के समय उसकी पत्नी मीना और भाभी मनोरमा सिंह भी मौजूद थीं। महिलाओं के शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। परिजन उसे बाइक से लेकर बाबतपुर स्थित एक निजी चिकित्सालय पहुंचे लेकिन हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने अन्यत्र ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर मलदहिया स्थित एक निजी चिकित्सालय पहुंचे। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह यादव पहुंचे। राम दुलार की भाभी ने पुलिस को बताया कि तीन शूटरों में तेगा सिंह और सर्वजीत उर्फ मुकुड़ी सिंह को वह पहचानती हैं। पुलिस ने बताया कि मुकुड़ी की पुत्री का कुछ माह पहले अपहरण हुआ था। 21 मई को उसने राम दुलार सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में परिवार के दो सदस्य राजकुमार सिंह और अमित सिंह जेल में हैं। राम दुलार अपने भतीजों को छुड़ाने के लिए पैरवी कर रहे थे। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने व्यवसायी के भतीजे से पूछताछ की। साथ ही तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है।