वाराणसी। गंगा की निर्मलता व अविरलता के मसले पर अब कांग्रेस की जिला इकाई ने भी केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मणिशंकर पांडेय ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर अविलंब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेसजन भी सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे। कहा कि गंगा के प्रति केंद्र ने जो उदासीनता दिखाई है, संतों का आंदोलन उसी का परिणाम है।
पराड़कर भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने कहा कि टिहरी बांध कतई नहीं बनना चाहिए था। उन्होंने टिहरी बांध के खिलाफ सुंदर लाल बहुगुणा के चिपको आंदोलन की चर्चा की और सवाल उठाया कि उस समय गंगा की अविरलता को लेकर कोई भी संगठन आगे क्यों नहीं आया। उन्होंने केंद्र सरकार के रवैए की भी आलोचना की। कहा कि 2008 में गंगा बेसिन अथारिटी गठित हुई और अब तक सिर्फ दो बैठकें हुईं। गंगा निर्मलीकरण के लिए अथारिटी को जितना काम करना चाहिए था, वह नहीं हुआ। गंगा के नाम पर केंद्र व प्रदेश सरकार से मिले धन और उससे हुए कार्यों पर श्वेतपत्र भी जारी करने की मांग की। उन्होंने पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए 101 सदस्यीय सलाहकार समिति की घोषणा भी की। उनकी अध्यक्षता में गठित समिति में विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों के अलावा वर्तमान व पूर्व विधायक व सांसद, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। अधिवक्ताओं, चिकित्सकों व व्यापारियों की अलग-अलग कमेटियों का गठन भी किया जाएगा।